Homeदेशसुप्रीम कोर्ट के निर्देश के निर्देश के बावजूद , हड़ताल पर अडिग...

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के निर्देश के बावजूद , हड़ताल पर अडिग हैं जूनियर डॉक्टर

Published on

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के हड़ताली जूनियर डॉक्टरों को मंगलवार शाम पांच बजे तक काम पर लौटने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत के इस निर्देश के बावजूद जूनियर चिकित्सक हड़ताल पर अडिग हैं। सुप्रीम कोर्ट का अल्टीमेटम आने के बाद जूनियर चिकित्सकों की मैराथन बैठक की।बैठक के बाद एक बयान जारी कर कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट की अपील के बावजूद उनका काम बंद आंदोलन (सीज वर्क) जारी रहेगा।साथ ही मंगलवार को स्वास्थ्य भवन अभियान की घोषणा की गयी। बयान में कहा गया है कि दिन में एक बजे से करुणामयी से सॉल्टलेक के सेक्टर फाइव स्थित स्वास्थ्य भवन (स्वास्थ्य विभाग का कार्यालय) अभियान की शुरुआत होगी।

जूनियर डॉक्टर का कहना है कीजहां पर रोकेगी, वहीं वे धरने पर बैठ जायेंगे। धरना तब तक जारी रहेगा, जबतक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।बयान में कहा गया है कि धरना दो-तीन दिन या उससे ज्यादा या कम चल सकता है।अभियान में शामिल होने वालों से तैयार रहने को कहा गया है। यह भी कहा गया है कि धरने के लिए भोजन वगैरह तैयार किया जा रहा है।

जूनियर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक प्रोफेसर डॉ कौस्तव नायेक और स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम के इस्तीफे की मांग की है।
इसी मांग पर स्वास्थ्य भवन अभियान की घोषणा की गयी है। वेस्ट बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट की ओर से यह निर्णय लिया गया है।

गौरतलब है कि नौ अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला जूनियर डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या का मामला सामने आने के बाद से जूनियर चिकित्सक हड़ताल पर हैं।हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. हालांकि, आरजी कर सहित अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीनियर डॉक्टर काम कर रहे हैं। वे आउटडोर, इंडोर और इमरजेंसी विभाग में मरीजों की चिकित्सा कर रहे हैं।

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के कारण 23 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने हड़ताली डॉक्टरों को मंगलवार शाम 5 बजे तक काम पर लौटने का आदेश दिया है।

Latest articles

न्याय का ब्लंडर, निर्दोष पर बवंडर

भारत में पुलिस के काले कारनामे तो जग जाहिर है, लेकिन सत्र न्यायालय से...

संसद में टकराव तेज,ओम बिरला के खिलाफ नो कॉन्फिडेंस मोशन लाने की तैयारी में विपक्ष

विपक्ष संविधान के अनुच्छेद 94 सी के तहत नो कॉन्फिडेंस मोशन लाने की तैयारी...

भारत के Sarvam AI ने जेम‍िनी-चैटजीपीटी को दी टक्‍कर

Bulbul V3 की सबसे बड़ी खासियत है कि इसने एक स्टडी में अपने मुकाबले...

ये चीजें खाते ही शुरू हो जाती है अपच की समस्या

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ती खानपान की आदतों का असर सीधे पाचन...

More like this

न्याय का ब्लंडर, निर्दोष पर बवंडर

भारत में पुलिस के काले कारनामे तो जग जाहिर है, लेकिन सत्र न्यायालय से...

संसद में टकराव तेज,ओम बिरला के खिलाफ नो कॉन्फिडेंस मोशन लाने की तैयारी में विपक्ष

विपक्ष संविधान के अनुच्छेद 94 सी के तहत नो कॉन्फिडेंस मोशन लाने की तैयारी...

भारत के Sarvam AI ने जेम‍िनी-चैटजीपीटी को दी टक्‍कर

Bulbul V3 की सबसे बड़ी खासियत है कि इसने एक स्टडी में अपने मुकाबले...