Delhi Seemapuri Building Collapse: दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को एक पुरानी इमारत अचानक ढह गई। हादसे में एक गर्भवती महिला और बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन साल के बच्चे सहित आठ लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं।
शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के मुताबिक, मलबे से अब तक 11 लोगों को बाहर निकालकर राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल भेजा गया है। घायलों का इलाज जारी है।
क्या भूकंप के बाद कमजोर हुई थी इमारत?
प्रारंभिक जानकारी में अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मंगलवार शाम उत्तराखंड में आए भूकंप के झटकों के बाद इमारत में दरारें पड़ गई थीं। इसके बाद संरचना कमजोर होने से यह हादसा हुआ हो सकता है। हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के बाद मलबे के नीचे से लोगों के आवाज देने की बात सामने आई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने भी बचाव अभियान में हिस्सा लिया और अपने स्तर पर मलबा हटाकर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की।
परिवार इमारत खाली करने की तैयारी में था
एमसीडी के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने बताया कि भूकंप के बाद बिल्डिंग में दरारें नजर आई थीं। दावा है कि इमारत का मालिक इसे खाली कराने की प्रक्रिया में था।
दिल्ली फायर सर्विस को दोपहर करीब 3:30 बजे घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल की टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
NDRF समेत कई एजेंसियां रेस्क्यू में जुटीं
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, दिल्ली पुलिस, डीडीएमए, एनडीआरएफ, एमसीडी और डीयूएसआईबी की टीमें संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए भारी मशीनों और जेसीबी की मदद ली जा रही है।
घटनास्थल से सामने आए दृश्यों में स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में मदद करते नजर आए। कई लोगों ने हाथों से ईंट और मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को निकालने में सहयोग किया।
मृतकों में एक महिला की पहचान
डीसीपी के अनुसार, मृतकों में 21 वर्षीय गुलफशा की पहचान हुई है, जो करीब चार महीने की गर्भवती थीं। दो अन्य मृतकों में एक 12 वर्षीय लड़की और एक बच्चा शामिल हैं, जिनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है।
घायलों में मोमिन मिर्जा, अबदान, अब्दुल रहमान, देवरुद्दीन, सलमा, छोटे, सकीना और समद शामिल बताए गए हैं।
मस्जिद की चारदीवारी भी हुई क्षतिग्रस्त
एमसीडी के अनुसार, हादसे के दौरान आसपास की संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा। पड़ोसी इमारत की दीवारें गिरने के अलावा पास स्थित एक मस्जिद की चारदीवारी का हिस्सा भी ढह गया।
निगम के मुताबिक, इमारत काफी पुरानी थी और हादसे के समय उसमें लोग मौजूद थे। बताया गया कि इलाके में कूड़ा बीनने वाले कुछ परिवार भी मौजूद थे और हादसे के बाद उनमें से कुछ लोग मलबे में फंस गए।
ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
हादसे के बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को सीमापुरी की ओर जाने वाली सड़कों से बचने की सलाह दी। सीमापुरी गोल चक्कर, डीएलएफ भोपुरा और आसपास के रास्तों पर राहत-बचाव अभियान के कारण यातायात प्रभावित हुआ।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने और प्रभावित लोगों को हर संभव चिकित्सा एवं अन्य सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
बता दें कि दिल्ली में हाल के दिनों में इमारत गिरने की यह पहली बड़ी घटना नहीं है। इससे पहले 6 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिरने से सात लोगों की मौत और 12 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी।

