बीरेंद्र कुमार झा
राजसमंद में बीजेपी प्रत्याशी दीप्ती माहेश्वरी की नामांकन सभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और मुख्यमंत्री गहलोत पर जमकर निशाना साधा।
कथनी और करनी में अंतर के कारण नेताओं लोग नही दे रहे भाव
बीजेपी के स्टार प्रचारक और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को राजसमंद में बीजेपी प्रत्याशी दीप्ती माहेश्वरी की नामांकन सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की गहलोत सरकार और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। राजनाथ ने कहा- जनता का नेताओं पर भरोसा खत्म हो रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि नेताओं की कथनी और करनी में अंतर है। विश्वास पर आए इस संकट को कांग्रेस ने और गहरा किया है। इसके अलावा भी राजनाथ सिंह ने तुष्टीकरण, महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार समेत अन्य मुद्दों पर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए
सांप्रदायिक तत्व तांडव मचा रहा कांग्रेस
राजनाथ सिंह ने कहा- राजस्थान में कांग्रेस के नेतृत्व वाली गहलोत सरकार अपने समर्थकों द्वारा सांप्रदायिक तांडव मचवा रहे हैं, और आप सो रहे हैं। यूपी में देखिए, किसी ने जरा भी इधर-उधर करने की कोशिश की और जय श्री राम। हिंदू मुस्लिम, जाति-पंथ और मजहब की राजनीति नहीं होनी चाहिए। तुष्टीकरण की राजनीति भी नहीं होनी चाहिए।
खास संप्रदाय विशेष को मुआवजा,लेकिन हिंदुओं के मामले कर दे रहे नजरअंदाज।
जयपुर में संप्रदाय विशेष के युवक की सड़क हादसे में विवाद के बाद हत्या हो जाती है। तो उसे 50 लाख का मुआवजा और डेयरी बूथ दे दिया जाता है। अगर, आप उसे देते हैं तो चित्तौड़गढ़ के सोनी और भीलवाड़ा के तापड़िया को भी तो मिलना चाहिए। लेकिन, इनकी बात पर आपकी जुबान पर दही जम जाता है।
प्रदेश में महिलाएं और विधायक सुरक्षित नहीं
महिला सुरक्षा को लेकर राजनाथ ने कहा- प्रदेश में कांग्रेस की विधायक ही सुरक्षित नहीं है। दिव्या मदेरणा खुद कहती हैं कि वे सुरक्षित नहीं हैं। जब सत्ताधारी दल की विधायक को ही डर लगता है तो प्रदेश की बहू-बेटियों का क्या होगा। गहलोतजी इस पर आपकी जुबान क्यों नहीं खुलती है।
कांग्रेस पर वादाखिलाफी का आरोप
राजनाथ ने कहा- कांग्रेस ने कितने वादे पूरे किए ,ये आप जानते हैं। नेता, संगठन या सरकार, ऐसी होनी चाहिए कि जो कहे उसे पूरा करे। उसके कहने और करने में फर्क नहीं होना चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी ने इसे चुनौती के तौर पर लिया है। उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान मैं भाजपा का अध्यक्ष था। उस समय घोषणा पत्र बना तो मोदीजी ने कहा कि इसमें वे ही वादे करें, जो पूरे होने चाहिए। हमारी कथनी और करनी में फर्क नहीं होना चाहिए। हमें वैसा ही किया और आगे भी करेंगे। लेकिन कांग्रेस बड़े वायदा तो करते है,लेकिन चुनाव जीत कर सपथ लेते ही उसे यह सोचकर भुला देते है की एक बार जीत जाने पर फिर कौन क्या बिगड़ लेगा

