बीरेंद्र कुमार झा
बिहार में पूर्वी चंपारण में संदिग्ध जहरीली शराब से मौत का आंकड़ा 21 के पास पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि अभी तक तुरकौलिया में 11, हरसिद्धि में 3,पहाड़पुर में 3 और सुगौली में 4 लोगों की संदिग्ध मौत हुई है । शुक्रवार की रात स्थिति खराब होने से दो लोगों को मुजफ्फरपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उनकी भी आज सुबह मौत हो गई।चिकित्सकों के मुताबिक मौत का कारण किसी जहरीली पेय पदार्थ का पीना या डायरिया हो सकता है ऐसे में सभी शवों के पोस्टमार्टम का इंतजार किया जा रहा है। वही डीआईजी जयकांत ने अभी तक केवल 6 लोगों के मरने की पुष्टि की है।इस घटना के बाद बिहार में फिर से शराबबंदी पर सवाल उठने लगे हैं।
नीतीश कुमार का बयान
पूर्वी चंपारण में मौत के मामले पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अजीबोगरीब प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार में सभी देख रहे हैं कि कितनी सक्रियता है फिर भी कुछ लोग बाज नहीं आ रहे हैं।लोगों को भी गलत काम नहीं करना चाहिए। सभी को इसे समझना चाहिए।लेकिन इसके बावजूद किसी को नुकसान होता है ,तो देखा ही जाता है ।हम लोग सबको देख ही रहे हैं। बता दें कि बढ़ती मौत के आंकड़ों के बीच मेडिकल की एक टीम मोतिहारी में कैंप कर रही है। हालांकि अभी तक जहरीली शराब से मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
मरीजों में आंख की रोशनी कम होने और बेचैनी की शिकायत
बताया जा रहा है अभी तक सदर अस्पताल में करीब 10 मरीजों को भर्ती कराया गया है। कई लोगों को निजी अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है। इसमें कई की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक ज्यादातर मरीजों की आंख की रोशनी कम होने और बेचैनी की शिकायत होने का मामला दर्ज किया गया है। इस बीच मामले की जांच के लिए मद्य निषेध विभाग की टीम और एफएसएल की टीम रवाना हो गई है।
इससे पहले छपरा में हुई थी जहरीली शराब से मौत
इससे पूर्व दिसंबर 2022 में भी बिहार में जहरीली शराब पीने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो गई थी। छपरा में हुए जहरीली शराब की घटना में तब लगभग 5 दर्जन लोगों की जान जहरीली शराब पीने से चली गई थी। उस समय भी बिहार में चल रही सरकार की शराबबंदी को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे, और तब भी नीतीश कुमार का जहरीली शराब पीने से हुई मौत मामले में मुआवजा को लेकर अटपटे बयान सामने आया था।

