हरियाणा में विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद पार्टियां तैयारियों में जुट गईं हैं। लोकसभा चुनाव में अच्छे प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के हौसले बुलंद हैं।इस बीच कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने चुनाव में अकेले उतरने के संकेत दिए हैं। उन्होंने चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के साथ गठबंधन की संभावना से इनकार किया और कहा कि उनकी पार्टी खुद में मजबूत है तथा अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।
एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान कुमारी सैलजा ने यह दावा भी किया कि इस चुनाव में इंडियन नेशनल लोक दल और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन और जननायक जनता पार्टी से कांग्रेस को कोई नुकसान नहीं पहुंचने वाला है। कांग्रेस हरियाणा में पूर्ण बहुमत की सरकार इस बार बनाने जा रही है। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि कांग्रेस जिन राज्यों में विपक्ष में होती है वहां आमतौर पर मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं करती है।
पिछले 13 अगस्त को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी कह चुके हैं कि हरियाणा के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन के बारे में कोई चर्चा नहीं है तथा कांग्रेस खुद में सक्षम है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी 4 जुलाई को कहा था कि दिल्ली और हरियाणा के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन की बहुत गुंजाइश नजर नहीं आ रही है।हालांकि, महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनावों में विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन बरकरार रहेगा।
हरियाणा में सभी 90 विधानसभा सीट के लिए 1 अक्टूबर को मतदान होगा. वहीं मतों की गिनती 4 अक्टूबर को होगी। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों में शामिल हैं।लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियों ने दिल्ली एवं हरियाणा में मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन पंजाब में दोनों अलग-अलग चुनावी मैदान में उतरे थे।

