कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा पत्र, बालासोर रेल दुर्घटना की सीबीआई जांच पर उठाए सवाल

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बीरेंद्र कुमार झा

कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक चिट्ठी लिखी है जिसमें उन्होंने बालासोर ट्रेन दुर्घटना पर अफसोस जताने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह सलाह भी दी है कि वे किस तरह से भारतीय रेलवे की स्थिति में सुधार ला सकते हैं, ताकि इस प्रकार की घटना दोबारा ना घटे। इस पत्र में खड़गे ने दुर्घटना की सीबीआई जांच कराने पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि रेलवे की जो कमियां हैं, उसे रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव स्वीकार नहीं कर रहे हैं और सीबीआई जांच की बात कर रहे हैं,जबकि यह एजेंसी क्राइम की जांच करती है।

भारतीय रेलवे प्रदेश का भरोसा

कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे ने अपने पत्र में लिखा है कि उड़ीसा के बालासोर में हुई रेल दुर्घटना बहुत ही दुखद है।यह भारतीय रेल इतिहास की खतरनाक रेल दुर्घटनाओं में से एक है। इस दुखद स्थिति में पूरा देश पीड़ितों के साथ खड़ा है और उनके प्रति सहानुभूति रखता है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि भारतीय रेलवे पर देश के हजारों लोगों का भरोसा है ,और यह ट्रांसपोर्टेशन का सबसे सस्ता और सशक्त माध्यम है।

आम लोगों को डराती है दुर्घटनाएं

दुर्घटनाएं आम लोगों को डराती है। इसलिए जरूरत आज इस बात की है कि हम रेलवे की स्थिति में सुधार करें, बुनियादी सुविधाओं और व्यवस्था में परिवर्तन करें ताकि लोगों का भरोसा रेलवे पर कायम रहें। मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री को सलाह देते हुए 11 बेसिक चीजें बताए हैं जिसपर पीएम मोदी को ध्यान देना चाहिए।

रेलवे के तीन लाख पद रिक्त

मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि रेलवे में 3 लाख से अधिक पद रिक्त पड़े हैं। ईस्ट कोस्ट रेलवे जिस रीजन में यह दुर्घटना हुई है उस रीजन में 8278 पद रिक्त हैं। खड़के ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि नब्बे के दशक में कुल 18लाख रेलवे कर्मचारी थे जो अब घटकर 12 लाख ही रह गए हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति आरक्षित वर्ग के लोगों के लिए रोजगार के अवसर कम कर रही है जो खतरे की घंटी है ।

खड़गे ने दूसरा सवाल यह किया कि जो रेलवे खुद इस बात को मानता है कि मैन पावर की कमी के वजह से रेलवे के लोको पायलट पर काम का बोझ अधिक रहता है और उन्हें ड्यूटी आवर से ज्यादा काम करना पड़ता है तो आखिर क्यों रेलवे ने इस स्थिति में बदलाव के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए हैं ,जबकि यह दुर्घटना की एक बड़ी वजह है।

सिग्नल सिस्टम को दुरुस्त करने की जरूरत

तीसरे पॉइंट में खड़गे ने यह मुद्दा उठाया है कि साउथवेस्ट जोनल रेलवे के प्रिंसिपल चीफ ऑपरेटिंग मैनेजर ने कहा था कि सिग्नल सिस्टम को दुरुस्त करने की जरूरत है क्योंकि इसकी वजह से दुर्घटनाएं हो सकती है तो आखिर क्यों रेलवे ने उस सुझाव को अनदेखा किया?

खड़गे ने अपने पत्र में सीएजी की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए बताया है कि किस तरह मेंटेनेंस में फंड की कमी की वजह से रेल दुर्घटनाएं हो रही है लेकिन सरकार उनसे अनभिज्ञ है।

बालासोर ट्रेन दुर्घटना की सीबीआई द्वारा जांच कराए जाने पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि सीबीआई क्राइम की जांच करती है वह किस तरह से रेलवे दुर्घटना के तकनीकी पक्षों की जानकारी सामने लेकर आएगी ?

 

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