बीरेंद्र कुमार झा
विपक्षी गठबंधन इंडिया एयरलाइंस ने सीट शेयरिंग की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय कर दी है। इसे देखते हुए कांग्रेस पार्टी अपने विभिन्न प्रदेश कमेटियों के साथ उस प्रदेश में सीट शेयरिंग को लेकर समझौते की संभावना तलाशने के लिए मीटिंग दर मीटिंग कर रही है। मीटिंग की इसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी ने पंजाब में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन की संभावना को लेकर पंजाब कांग्रेस कमेटी के साथ मंगलवार देर शाम एक बैठक की। बैठक में प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की कमेटी ने आलाकमान के सामने अपनी बात रखी।
कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे ने बुलाई थी मीटिंग
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा नई दिल्ली में पंजाब की पार्टी राजनीतिक मामलों की कमेटी की बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी,संगठन महासचिव के केसी वेणुगोपाल और नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस प्रभारी देवेंद्र यादव समेत लगभग दो दर्जन पार्टी नेता शामिल हुए थे। बैठक में पंजाब के कांग्रेस नेताओं ने आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन न करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इससे कांग्रेस को पंजाब में नुकसान ही होगा।
मीटिंग की ढेर सारी बातें रखी गई गुप्त
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में देवेंद्र यादव ने कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर पंजाब में गठबंधन की संभावना पर चर्चा हुई । कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि बैठक चुकी बंद कमरे में थी, इसलिए बहुत सारी बातें साझा नहीं की जा सकती हैं, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रदेश नेताओं के विचारों पर गंभीरता पूर्वक विचार विमर्श करने का भरोसा दिया है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वांडिंग ने बैठक के बाद कहा कि हाई कमान ने पंजाब में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर कोई निर्देश नहीं दिए हैं। किसी भी संभावित गठबंधन को लेकर पार्टी नेताओं ने निजी रूप से आलाकमान के सामने अपने विचार रखें। बैठक में सांसद मनीष तिवारी, पूर्व मुख्यमंत्री राजविंदर कौर भट्ठल, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू, पूर्व मंत्री सगत सिंह गिलजियां आदि मौजूद थे।
गठबंधन को लेकर पंजाब कांग्रेस में कलह
पंजाब में पंजाब में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर पंजाब कांग्रेस में बगावत शुरू है, जिसके तहत सीट शेयरिंग को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। पार्टी के कुछ नेता तो आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन के पक्ष में हैं, लेकिन कुछ नेताओं द्वारा इस पर एतराज जताया गया है।दरअसल महागठबंधन के तहत राज्य में आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने को लेकर नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा कांग्रेस प्रधान राजा वांडिंग तैयार नहीं है ,जबकि नवजोत सिद्धू और अवनीत बिट्टू ने इस पर हामी भरी है।पंजाब कांग्रेस के आम आदमी पार्टी से गठबंधन का विरोध करने वाले नेताओं का कहना है कि आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन होता है,तो पार्टी को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।
सिद्धू कर चुके गठबंधन का समर्थन
नवजोत सिंह सिद्धू लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के के गठबंधन करने के पक्ष में हैं।हाल ही में उन्होंने कहा था कि वह आलाकमान के आदेशों पर बतौर सिपाही के तौर पर गठजोड़ के लिए काम करेंगे।वहीं पंजाब कांग्रेस के अन्य नेता इसका विरोध कर रहे हैं।
नाम लिए बगैर वांडिंग का नवजोत सिद्धू पर हमला
दिल्ली में आयोजित मीटिंग से पहले पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह वांडिंग ने बिना नाम लिए नवजोत सिंह सिद्धू पर बड़ा हमला करते हुए कहा की कोई। भी कांग्रेस में रहते हुए अपने निजी विचार नहीं दे सकता।अगर किसी को निजी विचार देना है तो ,वह पार्टी छोड़कर अलग से होकर अपनी निजी राय दे।उन्होंने कहा कि पार्टी में जो अनुशासन तोड़ेगा ,उस पर 100% कार्रवाई होगी। अगर तालमेल नहीं होगा तो पार्टी को नुकसान होगा।उन्होंने कहा कि पिछली बार अलग-अलग बयानबाजी के कारण ही पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा था।
नए प्रभारी के लिए चुनौती
पंजाब कॉम कांग्रेस पार्टी के अंदर आम आदमी पार्टी से गठबंधन लेकर एक तरफ नवजोत सिंह सिद्धू जैसे नेता है जो गठबंधन के पक्ष में बात कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ प्रदेश अध्यक्ष राजा वांडिंग जैसे नेता है जो पंजाब में कांग्रेस का आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन के विरोधी ऐसे में दोनों पक्षों द्वारा दिए जा रहे परस्पर विरोधी बयानों से पंजाब कांग्रेस में कल सीधी और हालात चुनौती पूर्ण बन गए हैं अब देखना दिलचस्प होगा कि नहीं पंजाब प्रभारी देवेंद्र यादव के लिए यह कितना चुनौतीपूर्ण साबित होता है और वे इससे कैसे निबटते हैं।

