CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन के बीच एक नया विवाद सामने आया है। नीट पेपर लीक मामले को लेकर जारी इस आंदोलन के दौरान एक ऐसे व्यक्ति का वीडियो सामने आने का दावा किया गया है, जिसके खिलाफ पहले कई आपराधिक मामले दर्ज रह चुके हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने उसकी भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। दूसरी ओर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में रहते हुए अनशन जारी रखे हुए हैं। इसी बीच प्रदर्शन से जुड़ा यह नया घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया है।
वायरल वीडियो के बाद जांच तेज
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए मार्च के दौरान हाफी अफजल नामक व्यक्ति अपने कुछ समर्थकों के साथ प्रदर्शन में शामिल दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर उसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह नारेबाजी करता नजर आ रहा है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रदर्शन के दौरान उसकी भूमिका क्या थी और क्या वह किसी हिंसक घटना में शामिल था।
पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं कई मामले
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, हाफी अफजल के खिलाफ पहले हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, आर्म्स एक्ट, मारपीट, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े कानून (DPDP Act) और MCOCA सहित कई आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, MCOCA से जुड़े एक मामले में उसे अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया था और वह सजा भी काट चुका है। अधिकारियों का कहना है कि वह फिलहाल अपने पुराने मामलों में सजा पूरी कर चुका है।
पत्नी AAP पार्षद
पुलिस के अनुसार, हाफी अफजल की पत्नी हज्जन शकीला दिल्ली के सीलमपुर क्षेत्र के वार्ड-225 से आम आदमी पार्टी (AAP) की पार्षद हैं। इस तथ्य के सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी राजनीतिक दल की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
20 जुलाई को क्या हुआ था?
नीट पेपर लीक के विरोध में CJP की ओर से पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जा रहा है। आंदोलन का नेतृत्व सोनम वांगचुक और अभिजीत दिपके कर रहे हैं।
20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकालने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग भी किया था।
जांच जारी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि 20 जुलाई की घटनाओं से जुड़े सभी वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, यदि जांच में किसी व्यक्ति की गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्तता सामने आती है, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

