CJP Leaders Released Tihar Jail: राजधानी दिल्ली से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। पार्टी के प्रमुख नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया है। अदालत की ओर से लिखित आश्वासन और शर्तों के आधार पर उन्हें जमानत मिल गई है, जिसके बाद से CJP समर्थकों में खुशी का माहौल है। इससे पहले आशुतोष रांका तिहाड़ की जेल नंबर 4 और सौरव दास जेल नंबर 2 में बंद थे।
अदालत ने ठुकराई पुलिस की मांग
विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने 21 अक्टूबर 2026 को इस मामले में अहम फैसला सुनाया। पुलिस ने दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत को तीन दिन और बढ़ाने की मांग की थी, जिसे अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतने ही राशि के जमानती बॉन्ड पर दोनों की रिहाई का आदेश जारी किया।
गौरतलब है कि 14 अक्टूबर 2026 को शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका के चलते निवारक कार्रवाई के तहत दोनों नेताओं को अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें पहले 5 दिन और फिर आगे की हिरासत में भेजा गया था। पुलिस का तर्क था कि मीडिया बयानों और आचरण में अंतर के चलते कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा है।
माफी और लिखित आश्वासन के बाद मिली राहत
सुनवाई के दौरान जेल ले जाते वक्त मीडिया में दिए गए एक बयान पर अदालत की गरिमा प्रभावित होने को लेकर बिना शर्त मौखिक माफी मांगी गई। इसके साथ ही दोनों नेताओं ने स्वेच्छा से लिखित आश्वासन दिया कि: वे भविष्य में शांति भंग करने वाला कोई कार्य नहीं करेंगे। उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
जब तक जंतर-मंतर कानूनी प्रक्रिया के तहत अधिसूचित सूची से नहीं हट जाता, तब तक वहां प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया जाएगा। आने वाले सभी प्रदर्शन पूरी तरह संविधान के दायरे में होंगे।
अदालत ने माना कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 135(3) के तहत निवारक कार्रवाई का उद्देश्य इन बॉन्ड और आश्वासनों के जरिए पूरा हो जाता है। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद तिहाड़ जेल अधीक्षक को रिहाई वारंट भेज दिया गया।
अदालत की खास शर्तें और अगली सुनवाई
कोर्ट ने रिहाई के साथ कुछ सख्त निर्देश भी तय किए हैं:
- जांच अधिकारी अगली सुनवाई तक जमानतों का सत्यापन करेंगे।
- दोनों नेताओं और उनके जमानतदारों को हर पेशी पर अदालत में उपस्थित रहना होगा।
- उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखनी होगी और दिए गए आश्वासनों का कड़ाई से पालन करना होगा।
- इस मामले की अगली सुनवाई अब 23 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3:00 बजे होगी।

