आंध्र और तेलंगाना में बाढ़ और बारिश से हाहाकार, 31 की मौत, 432 ट्रेनें रद्द !

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न्यूज़ डेस्क 
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और गुजरात सहित कुछ राज्यों में झमाझम बारिश जारी है। लगातार भारी बारिश होने के कारण बाढ़ के हालात बने हुए है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कहर बनकर आसमान से आफत बरस रही है। 

इन दोनों राज्यों में बारिश और इससे संबंधित घटनाओं में 31 लोगों की मौत हो चुकी है। इतना ही नहीं अब तक 432 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। आने वाले दिनों में भी लोगों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

तेलंगाना में 16 और आंध्र प्रदेश में 15 लोगों की जान जा चुकी है। निचले इलाकों में कई फीट पानी भरा हुआ है। बीते कुछ दिनों से लगातार एनडीआरएफ, सेना समेत अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। बताया जा रहा है कि भारी बारिश और बाढ़ की वजह से 1.5 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र की फसलों को नुकसान हुआ है। राज्य सरकार ने करीब 5,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है।

आंध्र और तेलंगाना में भारी बारिश की वजह से नदियां-नाले उफान पर हैं। इससे जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है। फसलें भी पूरी तरह पानी में गल चुकी है। सड़क और रेलमार्ग बंद हो गए हैं। कई स्थानों पर पटरियों पर जलभराव और ट्रैक क्षतिग्रस्त होने की वजह से 432 ट्रेनें रद्द कर दिया गया है। वहीं, 139 के मार्गों में बदलाव किया है।

लगभग 4.5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, खासकर विजयवाड़ा में, जहां निवासियों को दूध जैसी आवश्यक चीजों की कमी से जूझना पड़ रहा है। आंध्र प्रदेश में जो आंशिक रूप से बारिश की मार झेल रहा है, सबसे अधिक प्रभावित जिलों में एनटीआर, गुंटूर, कृष्णा, एलुरु, पालनाडु, बापटला और प्रकाशम शामिल हैं।


भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से मंगलवार को भारी बारिश की चेतावनी के बाद तेलंगाना के 11 जिलों में प्रशासन अलर्ट पर है। राज्य सरकार ने आदिलाबाद, जगित्याल, कामारेड्डी, कोमाराम भीम आसिफाबाद, मेडक, मेडचल मलकाजगिरी, निर्मल, निजामाबाद, पेड्डापल्ली, संगारेड्डी और सिद्दीपेट जिलों को अलर्ट पर रखा है। आईएमडी ने इन जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। मुख्य सचिव शांति कुमारी ने इन जिलों के कलेक्टरों और एसपी को सतर्क रहने और जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाने को कहा है।

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