Bihar News: बिहार में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में स्व-गणना (Self Enumeration) को लेकर अहम दिशा-निर्देश दिए गए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति के सदस्य और सभी जिलों के अधिकारी शामिल हुए।
17 अप्रैल से शुरू होकर 1 मई तक चलेगा Self Enumeration
बैठक में स्पष्ट किया गया कि राज्य में स्व-गणना का कार्य 17 अप्रैल 2026 से शुरू होगा और 1 मई 2026 तक चलेगा। इसके बाद 2 मई से मकान सूचीकरण और मकान गणना का पहला चरण शुरू किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप दो चरणों में संपन्न होगी।
‘राष्ट्रहित का काम, कोई लापरवाही नहीं’ – मुख्य सचिव
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि जनगणना एक राष्ट्रहित का महत्वपूर्ण कार्य है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि इस अभियान को समयबद्ध और सफल तरीके से पूरा किया जाए।
VIP भागीदारी से बनेगा जनआंदोलन
सरकार इस बार स्व-गणना को जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी में है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर गणमान्य व्यक्तियों की सूची तैयार करें और उन्हें इस अभियान से जोड़ें। इससे आम जनता को भी प्रेरणा मिलेगी और अधिक से अधिक लोग इसमें भाग लेंगे।
हर सरकारी कर्मचारी के लिए अनिवार्य होगी स्व-गणना
बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अपनी स्व-गणना समय पर पूरा करें।निदेशालयों, प्रभागों, निगमों और जिलों में कार्यरत हर कर्मी की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीण इलाकों में ‘जीविका दीदियां’ बनेंगी गेमचेंजर
ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने के लिए ‘जीविका दीदियों’ की मदद ली जाएगी। इनके माध्यम से गांव-गांव तक इस अभियान को पहुंचाया जाएगा, ताकि कोई भी परिवार छूट न जाए। सरकार का फोकस है कि इस बार जनगणना में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो।
टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग पर खास जोर
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण सभी जिलों में चल रहा है और इसकी निगरानी जरूरी है।साथ ही CMMS पोर्टल पर मकान सूचीकरण से जुड़े तकनीकी कार्यों को एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है, ताकि पूरी प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
डिजिटल जनगणना की ओर बिहार का बड़ा कदम
इस बार जनगणना में डिजिटल सिस्टम और सेल्फ एनुमेरेशन मॉडल को अपनाया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे सटीक डेटा मिलेगा, जो भविष्य की योजनाओं के लिए बेहद अहम साबित होगा।

