जयंत और चंद्रशेखर की एकता से जाटलैंड में बीजेपी की बढ़ सकती है मुश्किलें !

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अखिलेश अखिल

समय के साथ बहुत कुछ बदल जाता है। एक समय था कि पश्चिमी यूपी में बीजेपी की तूती बोलती थी। हिन्दू -मुसलमान की राजनीति यहाँ खूब फलीफूली और बीजेपी मालामाल होती रही। लेकिन अब समीकरण बदल रहे हैं। पिछले कुछ समय से देश के भीतर जिस तरह की राजनीति सामने आयी है उससे लगने लगा है कि पश्चिमी यूपी अब बीजेपी के लिए मुश्किल भरा साबित होने वाला है।      
 पश्चिमी यूपी को जाटलैंड कहा जाता है। यहाँ जाटों की बहुतायत तो है बड़ी संख्या में मुस्लिम और दलित समुदाय के लोग भी यहाँ रहते हैं। एक समय था जब दलितों और मुसलमानो में बसपा की पैठ थी लेकिन रालोद की राजनीति ने बसपा की राजनीति को पहले कमजोर किया और अब बीजेपी की राजनीति को प्रभावित कर रही है। 
             लोकसभा चुनाव 2024 के लिए राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष जंयत चौधरी पूरे दमखम से जुटे हुए हैं। हाल ही में दिल्ली में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद द्वारा किए गए धरना प्रदर्शन में उन्होंने जाट-दलित- मुस्लिम गठजोड़ के संकेत भी दिए हैं। अब देखना ये है कि पश्चिमी यूपी की सीटों पर जयंत और चंद्रशेखर की जोड़ी बीजेपी के लिए कितनी मुश्किल खड़ी करेगी और क्या दोनों की जोड़ी इस चुनाव में क्या गुल खिलाएगी। 
               पिछले लोकसभा चुनाव में यहां की 27 सीटों में से 19 सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी। वहीं यहां की 8 सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवार जीते थे। 2019 लोकसभा चुनाव में पश्चमी यूपी में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने  4-4 सीटें जीती थी। लेकिन अब ऐसा  है। समीकरण भी बदल गए है तो राजनीति भी बदल जाएगी। 
                 भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर पर देवबंद में हुए हमले के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी समेत कई दिग्गज नेता जुटे थे। इस दौरान जंयत चौधरी ने कहा था कि चंद्रशेखर जल्द ही संसद के अंदर नजर आएंगे। उनके इस बयान से सत्ताधारी पार्टी बीजेपी की नजर फिर से पश्चिमी यूपी पर टिक गई है। क्योंकि जहां जयंत का जाटलैंट में खासा प्रभाव माना जाता है तो वहीं दलितों में भी चंद्रशेखर की अच्छी पकड़ बनी हुई है। 
              अब लोकसभा चुनाव में केन्द्रीय मंत्री संजीव बालियान और बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहित बेनीवाल की साख दांव पर है। क्योंकि यह नेता मुजफ्फरनगर और शामली से आते हैं और इन सीटों पर इस बार जाट-दलित- मुस्लिम गठजोड़ के संकेत सपा गठबंधन की तरफ संकेत दे रहे हैं।  क्योंकि सहारनपुर समेत वेस्ट यूपी में दलित समाज का भी काफी वोट प्रभाव रहा है और इसके लिए भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर वोट साधने में जुटे हुए हैं। 

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