अखिलेश अखिल
चारो तरफ से विपक्षी एकता की घेराबंदी के बाद बीजेपी कई नई रणनीतियों पर काम कर रही है। एक रणनीति तो यह है कि किसी भी सूरत में विपक्षी एकता को तार -तार किया जाए। उसके अंतर्विरोधों को उजागर करके उसे बदनाम किया जाए। इस पर काम चल भी रहा है। तीसरी रणनीति यह है कि नीतीश कुमार पर हमला किया जाए और उनकी राजनीति को ध्वस्त किया जाए। फिर विपक्षी एकता के साथ जुड़ रहे दलों के नेताओं पर जाँच एजेंसियों का शिकंजा कसा जाय और चुनाव से पहले उन नेताओं को सलाखों में बंद किया जाए। कहा जा रहा है कि जो नेता कॉम्प्रमाइज करने को तैयार हैं उसे छोड़ दे की रणनीति भी है। अगर मायावती ,केसीआर और अन्य कोई नेता विपक्षी एकता के साथ जाते हैं तो उनपर भी करवाई की जाएगी। लेकिन जो सबसे रणनीति बनी है वह यह है कि बीजेपी के जितने भी राज्य सभा सदस्य हैं उन्हें लोकसभा चुनाव में उतारा जाए। कहा जा रहा है कि इस तरह के सलाह संघ तरफ से आये हैं। काफी गुना भाग करने के बाद बीजेपी ने यह तय किया है कि राज्य सभा इ उनके जो सदस्य हैं और केंद्र में मंत्री बने हुए हैं सबसे पहले उन्हें मैदान में उतरने को कहा जाए। खबर के मुताबिक कई मंत्रियों को इस बावत कह भी दिया गया है और उन्हें चुनाव लड़ने की तैयारी करने की बात भी कद दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने पार्टी के राज्यसभा सांसदोंको कहा है कि वे आम चुनाव 2024 के लिए लोकसभा सीटों की तलाश करें, जहां से वे चुनाव लड़ सकें। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन और विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत सभी केंद्रीय मंत्रियों को इस बात का संकेत दे दिया गया है।
खबर के मुताबिक जिन मंत्रियों को चुनावी मैदान में जाने को कहा गया है उनमे शामिल है निर्मला सीतारमण। उन्हें तमिलनाडु से चुनाव लड़ने को कहा गया है। इसके साथ ही विदेश मंत्री जयशंकर को दिल्ली या तमिलनाडु से चुनाव लड़ने को कहा गया है। वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल महाराष्ट्र से चुनाव लड़ सकते हैं। धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा से ,नारायण राणे महाराष्ट्र से ,ज्योतिरादिद्या सिंधिया मध्यप्रदेश से ,अश्वनी वैष्णव ओडिशा से , हरदीप सिंह पूरी पंजाब या जम्मू कश्मीर से ,मनसुख मंडाविया गुजरात से,भूपेंद्र यादव हरियाणा या राजस्थान से ,पुरुषोत्तम रूपला गुजरात से चुनाव लड़ सकते हैं। खबर ये भी है कि पार्टी कई और उन राज्य सभा सदस्यों को देख रही है जिनकी पकड़ जनता के बीच है और पॉपुलर भी। उन्हें भी मैदान में उतरने की तैयारी है।

