न्यूज़ डेस्क
अभी राहुल गाँधी दो साल की सजा पाकर अपनी सांसदी खो बैठे थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगा दिया है। राहुल की सांसदी वापस के प्रयास चल रहे हैं। लेकिन अब बीजेपी सांसद रामशंकर कठेरिया की सांसदी पैट तलवार लटक गई है।
कठेरिया इटावा के सांसद हैं और उन्हें दो साल की सजा आगरा की एमपी /एमएलए कोर्ट ने दी है। कठेरिया पर एक मुकदमा एक निजी कंपनी के अधिकारी के साथ मारपीट और बलवा करने को लेकर चल रहा था। अब कोर्ट कठेरिया को दो साल की सजा दी गई है और 50 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। कठेरिया पूर्व केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं।
मामला 16 नवंबर, 2011 का है। उस समय कठेरिया आगरा संसदीय क्षेत्र से सांसद थे। अदालत ने सांसद को दोषी पाते हुये भारतीय दंड संहिता की धारा 147 में दो वर्ष कैद एवं 323 में एक वर्ष की कैद से दंडित किया। दोनों सजाएं साथ चलेंगी।
अदालत ने सांसद राम शंकर कठेरिया पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। सांसद के अधिवक्ता ने आदेश के विरुद्ध सत्र न्यायालय में अपील करने का हवाला देकर जमानत स्वीकृत करने की अर्जी दी जिसे स्वीकार करते हुये न्यायालय ने उनकी रिहाई के आदेश दे दिये।
टोरंट पावर के सुरक्षा निरीक्षक समेधी लाल ने बताया कि साकेत माल में बिजली चोरी संबंधित मामले का मैनेजर भावेश रसिक लाल शाह सुनवाई और निपटारा कर रहे थे। उसी दौरान स्थानीय सांसद राम शंकर कठेरिया के साथ उनके 10 से 15 समर्थक कार्यालय में घुस गए और टोरंट अधिकारी भावेश के साथ मारपीट की। इसमें उन्हें काफी चोट आईं।
वादी की तहरीर पर सांसद राम शंकर कठेरिया एवं उनके अज्ञात समर्थकों पर धारा 147 एवं 323 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। इस मामले में थाना हरीपर्वत पुलिस ने सांसद राम शंकर कठेरिया के विरुद्ध ही आरोप पत्र अदालत में प्रेषित किया गया था। मामले में गवाही एवं बहस की प्रक्रिया पूरी होने पर पर शनिवार को फैसला आया और भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया को दो साल की सजा सुनाई गयी।

