सोनिया, खड़गे और अधीर रंजन के 22 जनवरी को अयोध्या न जाने पर बीजेपी हमलावर

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आगामी लोकसभा चुनाव 2024 में जीत को लेकर भारतीय जनता पार्टी कोई भी अवसर चुकने के मूड में नहीं है। यही कारण है की जैसे ही कांग्रेस के बड़े नेता मल्लिकार्जुन खड़गे,सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी द्वारा रामनगरी अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा के आमंत्रण को ठुकराया गया, वैसे ही बीजेपी ने कांग्रेस पर चौतरफा हमला करना शुरू कर दिया। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस ने तुष्टीकरण के लिए रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए मिले आमंत्रण को अस्वीकार कर दिया। बीजेपी का यह भी कहना है कि जवाहरलाल नेहरू की कांग्रेस हिंदू धर्म के खिलाफ है।

तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस कर रही हिंदू मान्यताओं का विरोध

केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि तुष्टीकरण के लिए कांग्रेस पार्टी लगातार हिंदू मान्यताओं का विरोध कर रही है। पिछले दो-चार दशकों में जब भी राम मंदिर का मुद्दा उठा है, कांग्रेस पार्टी ने हमेशा इसका विरोध किया है।प्रह्लाद जोशी ने यहां तक कहा कि भगवान राम एक काल्पनिक व्यक्ति थे।कांग्रेस ने रामसेतु पर भी सवाल उठाया था। वर्तमान कांग्रेस पार्टी तुष्टिकरण की पराकाष्ठा पर पहुंच गई है।मैं उनके फैसले से कतई हैरान नहीं हूं।

नेहरू ने भी सोमनाथ मंदिर जाने से किया था इनकार

कर्नाटक के बीजेपी नेता सीटी रवि ने दावा किया कि भारत के पहले प्रधानमंत्री और दिवंगत कांग्रेस नेता जवाहरलाल नेहरू ने भी गुजरात के प्राचीन सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण कार्यक्रम में जाने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि तब सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण सरदार वल्लभ भाई पटेल, बाबू राजेंद्र प्रसाद और केएम मुंशी ने किया था। उस दौरान जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रधानमंत्री थे। जब वे सोमनाथ नहीं गए तो भला मौजूदा कांग्रेस नेतृत्व जिसमें नेहरू के वंश की प्रधानता है वह अयोध्या कैसे जा सकता है!

वर्तमान कांग्रेस गांधी वाली नहीं नेहरूवाली

बीजेपी नेता सीटी रवि ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस नेहरू की कांग्रेस है, यह गांधी वाली कांग्रेस नहीं है। महात्मा गांधी रघुपति राघव राजा राम गाते थे और आज कांग्रेस प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल नहीं हो रही है। इससे पता चलता है कि वर्तमान कांग्रेस हिंदू धर्म और हिंदुत्व के खिलाफ है।अयोध्या रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए राम मंदिर ट्रस्ट ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे,सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी को आमंत्रित किया था।लेकिन उन्होंने बुधवार को इस भव्य कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया और कहा कि बीजेपी और आरएसएस इस समारोह से चुनावी लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।

कांग्रेस ने क्या कारण बताया सोनिया,खड़गे और अधीर केअयोध्या न जाने का

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में यह कहा था कि भगवान राम की पूजा – अर्चना करोड़ों भारतीय करते हैं तथा धर्म मनुष्य का व्यक्तिगत आस्था का विषय है। लेकिन बीजेपी और आरएसएस ने वर्षों से अयोध्या में राम मंदिर को एक राजनीतिक परियोजना बना दिया है। कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि एक अर्धनिर्मित मंदिर का उद्घाटन केवल चुनावी लाभ उठाने के लिए ही किया जा रहा है।जयराम रमेश ने कहा कि वर्ष 2019 के माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय को स्वीकार करते हुए एवं लोगों की आस्था के सम्मान में मल्लिकार्जुन खड़गे सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी बीजेपी और आरएसएस के इस आयोजन के निमंत्रण को ससम्मान अस्वीकार करते हैं।

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