विकराल हुआ बिपरजॉय, ट्रेनें रद्द, स्कूल बंद ,3 की मौत 4 लापता

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बीरेंद्र कुमार झा

चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के गुजरात में 15 जून को पहुंचने की आशंका के बीच राज्य में तटीय इलाकों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। तूफान से सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्रों के सबसे अधिक प्रभावित होने की आशंका है।सोमवार रात तक प्रशासन ने इन इलाकों से 7500 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था। आज रात तक करीब 12000 और लोगों को इन स्थानों से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सिलसिले में सोमवार को तैयारियों की समीक्षा की। भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के15 जून को दोपहर के समय काफी भयंकर चक्रवाती तूफान के रूप में सौराष्ट्र तथा कच्छ और पाकिस्तान के निकटवर्ती तत्वों से गुजरने की संभावना है।

लोगों के जेहन में समाई 1998 के चक्रवात की भयानक यादें

चक्रवात बिपरजॉय के खतरे को देखते हुए कांडला पोर्ट और उसके आसपास के गांवों को खाली कराया जा रहा है ।बिपरजॉय की भ्यावहता ने लोगों के मन में 1998 के गुजरात चक्रवात की यादें फिर से ताजा कर दी हैं। 10 जून 1998 को आए उस भयानक चक्रवात में लगभग 10 हजार लोगों की मौत हो गई थी ।तब तूफान की गति 165 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। लैंडलाइन चक्रवात को इस वर्ष 25 साल हो रहे हैं। अब एक नए खतरे को देखते हुए प्रशासन काफी सक्रिय है।

गुजरात और पाकिस्तान के दक्षिणी से से टकराएगा बिपरजॉय

भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि भारत के पश्चिमी तट पर यह तूफान एक शक्तिशाली चक्रवात बन गया है और 15जून को भारत के पश्चिमी राज्य गुजरात और पाकिस्तान के दक्षिणी हिस्सों से टकरा सकता है।

चक्रवात बिपरजॉय की भयावहता के मद्देनजर दीव के तटीय इलाके में एनडीआरएफ की एक टीम तैनात कर दी गई है । यह टीम हर स्थिति से निपटने में सक्षम है।इस टीम में लगभग 22 बचाव कर्मी है।

67 ट्रेनें कैंसिल कई जिलों में स्कूल में बंद

इस भयानक चक्रवात बिपरजॉय के कारण सोमवार को वेस्टर्न रेलवे ने गुजरात से होकर गुजरने वाली 67 ट्रेनों को 15 जून तक के लिए रद्द कर दिया है l यात्रियों की सुविधा के लिए गांधीधाम और भुज स्टेशनों पर हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है। गांधीग्राम हेल्प डेस्क का हेल्पलाइन नंबर 02836- 23 9002 और भुज स्टेशन स्थित हेल्प डेस्क का हेल्पलाइन नंबर 97240 93831 है। इसके अलावा गुजरात के कई जिलों के स्कूलों को भी बंद कर दिया गया है।

गुजरात के इन जिलों में होगा असर

विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तैयार रखा गया है ।साथ ही प्रशासन ,सेना नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के संपर्क में भी है। मौसम विभाग ने कहा है कि चक्रवात के 14 जून की सुबह तक लगभग उत्तर की ओर बढ़ने का अनुमान है। केंद्र ने राज्य सरकार को कच्छ ,देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर, राजकोट ,जूनागढ़ और मोरबी से सौराष्ट्र और कच्छ के 30 क्षेत्रों से लोगों को निकालने का निर्देश दिया है।

 

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