पटना: बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेन्द्र पासवान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर मोकामा के चाराडीह स्थित बाबा वीर चौहरमल महाराज धाम को आधिकारिक पर्यटन स्थल घोषित करने का आग्रह किया एवं इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।
हर साल बड़ी संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु
मंत्री लखेन्द्र पासवान ने मुख्यमंत्री को बताया कि बाबा वीर चौहरमल महाराज धाम लंबे समय से लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां आयोजित होने वाले वार्षिक मेले में बिहार के अलग-अलग हिस्सों के अलावा अन्य क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
ऐसे में धाम को आधिकारिक पर्यटन स्थल का दर्जा मिलने से इसे धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन के लिहाज से भी विकसित किया जा सकता है।
Tourism Status मिलने से क्या बदलेगा?
मंत्री के मुताबिक, अगर धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाता है तो क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने का रास्ता खुलेगा।
इसके तहत सड़क, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य पर्यटन सुविधाओं के विकास पर काम किया जा सकता है। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
स्थानीय रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा
धाम के विकास से केवल पर्यटन सुविधाओं में सुधार की उम्मीद नहीं है, बल्कि आसपास के क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर स्थानीय स्तर पर दुकान, परिवहन, खान-पान, छोटे व्यवसाय और अन्य सेवाओं से जुड़े रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
बिहार की लोकसंस्कृति और विरासत को मिलेगी पहचान
लखेन्द्र पासवान ने कहा कि बाबा वीर चौहरमल महाराज धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने से बिहार की लोकसंस्कृति, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिलेगी। उनका जोर इस बात पर है कि धाम को केवल धार्मिक स्थल के रूप में नहीं, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े महत्वपूर्ण केंद्र के तौर पर भी विकसित किया जाए।

