बिहार के अल्पसंख्यक छात्रों के लिए बड़ी सौगात! 17 अगस्त से 4 नए आवासीय विद्यालयों में शुरू होगी पढ़ाई, 288 शिक्षकों की भी होगी भर्ती

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Bihar News: बिहार सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के जमुई, नालंदा, कैमूर और मुजफ्फरपुर में बने नए अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में 17 अगस्त से नियमित पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी। इन विद्यालयों के भवन तैयार हो चुके हैं और नए शैक्षणिक सत्र के साथ यहां विद्यार्थियों का स्वागत किया जाएगा। यह जानकारी राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान ने पटना में आयोजित विभागीय प्रेस वार्ता के दौरान दी।

हर जिले में आवासीय विद्यालय स्थापित करने की योजना

मंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य बिहार के प्रत्येक जिले में एक आधुनिक अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय स्थापित करना है। इस दिशा में अब तक 24 जिलों में विद्यालय निर्माण को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें कई जिलों में निर्माण कार्य जारी है, जबकि कुछ विद्यालय पहले से संचालित हैं।

दरभंगा और किशनगंज के बाद अब चार नए जिलों में भी शिक्षण कार्य शुरू होने जा रहा है। शुरुआती चरण में कुछ विद्यालयों में अस्थायी कैंप के माध्यम से कक्षाएं संचालित की जाएंगी, जबकि जल्द ही सभी सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध करा दी जाएंगी।

ऑनलाइन पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग भी मिलेगी

सरकार इन आवासीय विद्यालयों को केवल सामान्य शिक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहती। विभाग की योजना है कि यहां विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं, डिजिटल लर्निंग और बीपीएससी, जेईई, नीट समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र बेहतर अवसर हासिल कर सकें।

टीआरई-4 के जरिए होगी 288 शिक्षकों की नियुक्ति

शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मंत्री ने बताया कि टीआरई-4 भर्ती प्रक्रिया के तहत 288 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।

इसके अलावा आवासीय विद्यालयों के संचालन के लिए पहले से स्वीकृत शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों पर भी नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। साथ ही जिला और प्रखंड स्तर पर अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारियों की बहाली की तैयारी भी जारी है।

मदरसा छात्रों को मिलेगा स्किल ट्रेनिंग का लाभ

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अब मदरसों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत छात्रों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे आधुनिक उद्योगों और रोजगार के नए क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकें। यह कार्यक्रम नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड (NSIC) के सहयोग से संचालित किया जाएगा।

हज यात्रियों के लिए बढ़ाई जा रही सुविधाएं

मंत्री ने बताया कि राज्य में हज यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार राज्य हज समिति के माध्यम से सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बार हज के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

उद्यमी योजना से हजारों लोगों को मिला लाभ

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत अल्पसंख्यक समुदाय के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता और स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग के अनुसार, अब तक हजारों लाभार्थियों को सैकड़ों करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है, जिससे रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा मिला है।

कोचिंग योजना के छात्रों ने किया शानदार प्रदर्शन

राज्य की कोचिंग योजना भी सकारात्मक परिणाम दे रही है। इस योजना के तहत तैयार किए गए विद्यार्थियों ने जेईई और नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। वहीं अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों के अधिकांश विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षाओं में प्रथम श्रेणी प्राप्त कर बेहतर प्रदर्शन किया है। किशनगंज आवासीय विद्यालय के कई छात्रों ने जिला टॉपर बनकर राज्य का नाम भी रोशन किया है।

शिक्षा के साथ रोजगार पर भी सरकार का फोकस

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कौशल विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को जोड़कर छात्रों के भविष्य को अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। इसी सोच के तहत राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार और आधुनिक प्रशिक्षण को एक साथ जोड़ने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है।

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