बिहार के गांवों में बिछेगा आधुनिक बाजारों का जाल! 725 हाट-बाजार बदलेंगे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर

0
4

Bihar News: बिहार के ग्रामीण इलाकों में अब गांव के उत्पादों को बेचने के लिए बेहतर और आधुनिक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ग्रामीण विकास विभाग ने विकसित भारत-जी राम जी (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत ग्रामीण हाट-बाजारों को आधुनिक स्वरूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। योजना का उद्देश्य गांवों में स्थानीय उत्पादों के लिए मजबूत बाजार तैयार करना और किसानों, स्थानीय उद्यमियों तथा महिला स्वयं सहायता समूहों की आमदनी और आजीविका के अवसर बढ़ाना है।

सरकार की योजना के मुताबिक प्रदेश में 725 आधुनिक ग्रामीण हाट-बाजार विकसित किए जाएंगे। इनमें से पहले चरण के लिए जिलों ने 207 ऐसे स्थलों की पहचान कर ली है, जहां योजना को जमीन पर उतारा जा सकता है। इन हाट-बाजारों में विक्रेताओं और ग्राहकों की सुविधा के लिए शेडयुक्त वेंडर प्लेटफॉर्म, पेवर ब्लॉक और जरूरी आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

725 गांवों में बाजार का बदलेगा स्वरूप

ग्रामीण विकास विभाग की ओर से तैयार योजना के तहत 20 डिसमिल से अधिक क्षेत्रफल वाले ग्रामीण हाट-बाजारों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए राज्य स्तर से जिलों को संभावित 725 स्थलों की सूची भेजी गई थी।

जिलों में समीक्षा के बाद इनमें से 207 स्थलों को प्रथम चरण में कार्यान्वयन के लिए उपयुक्त पाया गया। अब इन स्थानों पर आधुनिक ग्रामीण बाजार विकसित करने की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

इन बाजारों में सबसे पहले शेडयुक्त वेंडर प्लेटफॉर्म तैयार किए जाएंगे। इसके बाद बाजार परिसर में पेवर ब्लॉक बिछाने के साथ-साथ जरूरत के अनुसार अन्य सहायक संरचनाएं और बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

किसानों को मिलेगा अपने उत्पाद बेचने का बेहतर मंच

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण किसानों और स्थानीय उत्पादकों को मिलने की उम्मीद है। आधुनिक हाट तैयार होने से किसानों को अपने कृषि उत्पादों को स्थानीय स्तर पर बेचने के लिए व्यवस्थित जगह मिल सकेगी।

इसके साथ ही गांवों में तैयार होने वाले हस्तशिल्प, खाद्य सामग्री और अन्य स्थानीय उत्पादों के लिए भी बाजार उपलब्ध होगा। इससे ग्रामीण उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया आसान होगी और स्थानीय स्तर पर व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

जीविका दीदियों के लिए भी खुलेगा कमाई का रास्ता

ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लिए भी यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आधुनिक हाटों में उन्हें अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

इससे महिलाओं को अपने उत्पादों की बेहतर कीमत मिल सकती है और उनकी आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने में मदद मिलेगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर नए रोजगार और आजीविका के अवसर पैदा होने की संभावना है।

बिचौलियों पर निर्भरता घटाने की कोशिश

सरकार की योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य ग्रामीण उत्पादकों को बेहतर विपणन व्यवस्था उपलब्ध कराना है। व्यवस्थित बाजार मिलने से किसानों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम करने और उत्पादकों को बेहतर मूल्य दिलाने में मदद मिल सकती है। स्थानीय स्तर पर खरीद-बिक्री बढ़ने से गांवों की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

समय पर पूरी करनी होंगी प्रशासनिक प्रक्रियाएं

प्रथम चरण के तहत चयनित हाट-बाजारों में निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी जरूरी प्रशासनिक और कागजी प्रक्रियाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके बाद चरणबद्ध तरीके से शेड, वेंडर प्लेटफॉर्म, पेवर ब्लॉक और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

नाबार्ड की भी होगी वित्तीय और तकनीकी भागीदारी

ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए 725 आधुनिक ग्रामीण हाट-बाजार विकसित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि पूरी परियोजना में नाबार्ड की वित्तीय और तकनीकी सहभागिता रहेगी। आधुनिक हाट बनने के बाद जीविका दीदियों और स्थानीय किसानों को अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए एक स्थायी मंच मिल सकेगा।

मंत्री श्रवण कुमार का जोर—गांव की अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार

सरकार का मानना है कि ग्रामीण हाट सिर्फ खरीद-बिक्री की जगह नहीं होंगे, बल्कि इन्हें ग्रामीण रोजगार, स्थानीय कारोबार और आजीविका के केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इन बाजारों के जरिए गांव में तैयार होने वाले उत्पादों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here