Bihar News: दूसरे राज्यों या विदेशों में काम करने वाले बिहार के प्रवासी मजदूरों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। अब यदि किसी प्रवासी श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो उसके पार्थिव शरीर को स्थायी निवास तक पहुंचाने का पूरा खर्च बिहार सरकार उठाएगी। इसके साथ ही मृतक के आश्रितों को मिलने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 2 लाख रुपये से 4 लाख रुपये कर दिया गया है।
यह जानकारी श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने सूचना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी।
446 परिवारों को मिला 8.67 करोड़ रुपये का लाभ
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 446 लाभार्थियों को 8 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि दी गई। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 168 लाभार्थियों को 3 करोड़ 35 लाख रुपये से अधिक का अनुदान प्रदान किया जा चुका है।
Bihar Pravasi Kamgar App पर 6.84 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण
राज्य सरकार ने प्रवासी श्रमिकों का डाटा तैयार करने और उनके लिए बेहतर सामाजिक सुरक्षा योजनाएं बनाने के उद्देश्य से बिहार प्रवासी कामगार ऐप शुरू किया है।
10 जून 2026 तक इस ऐप पर 6,84,708 प्रवासी श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। सरकार का मानना है कि इससे श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और संकट की स्थिति में सहायता उपलब्ध कराने में आसानी होगी।
असंगठित क्षेत्र के कामगारों को 54 करोड़ रुपये से अधिक सहायता
बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 9,719 लाभार्थियों को 54.91 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई। जबकि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 1,303 लाभार्थियों को लगभग 8 करोड़ रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया जा चुका है।
पटना, गया और सीतामढ़ी में शुरू होंगे विशेष प्रशिक्षण केंद्र
राज्य सरकार ने युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए पटना, गया और सीतामढ़ी में विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र संचालित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए संबंधित एजेंसी के साथ एकरारनामा भी किया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने की योजना है।
बाल श्रम उन्मूलन अभियान में भी बड़ी सफलता
श्रम विभाग ने बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन अभियान में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,054 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया, जबकि 2026-27 में पुनर्वास के लिए 126 बाल एवं किशोर श्रमिकों के खातों में 31.50 लाख रुपये की सावधि जमा कराई गई है। इसके अलावा 103 बाल श्रमिकों को तत्काल सहायता राशि और 166 बच्चों के लिए जिला पुनर्वास कोष में राशि जमा कराई गई है।
42 लाख से ज्यादा निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण
बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत राज्य में अब तक 42.31 लाख निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। बोर्ड के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए 16 कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11 लाख से अधिक नए श्रमिकों का पंजीकरण हुआ, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 8 जून तक 4,131 श्रमिक पंजीकृत हुए हैं।
9 प्रमंडलों में खुलेंगे श्रम सेवा सुविधा केंद्र
सरकार श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी और पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बिहार के 9 प्रमंडलों में 10 श्रम सेवा सुविधा केंद्र स्थापित कर रही है। फिलहाल पटना, कैमूर, सारण, सहरसा और दरभंगा में ये केंद्र पूरी तरह संचालित हैं, जहां श्रमिकों का निबंधन, नवीकरण और विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

