Bihar News: बिहार में कृषि क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों को अधिक सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है। योजना एवं विकास विभाग के तहत अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय की ओर से खरीफ मौसम का दो दिवसीय राज्य स्तरीय वार्षिक आवृत्तीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम का आयोजन दक्षिण और उत्तर बिहार के प्रतिभागियों के लिए दो चरणों में किया गया है।
कार्यक्रम में योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा शामिल हुए। इस दौरान विभाग के अपर सचिव श्याम बिहारी मीणा, अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय के निदेशक डॉ. नुरूल हक शिवानी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी प्रमंडलों के सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी और संबंधित कर्मी प्रशिक्षण में हिस्सा ले रहे हैं।

दो चरणों में हो रहा प्रशिक्षण
दक्षिण बिहार के प्रतिभागियों के लिए प्रशिक्षण 22 और 23 सितंबर को आयोजित हुआ, जबकि उत्तर बिहार के प्रतिभागियों के लिए 24 और 25 सितंबर 2026 को कार्यक्रम रखा गया है।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कृषि से जुड़े आंकड़ों के संग्रहण, संधारण, सत्यापन और विश्लेषण की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है। इसके जरिए अधिकारियों और कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर भी फोकस किया जा रहा है।
सटीक आंकड़ों से बनेगी बेहतर कृषि नीति
कृषि बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है। ऐसे में फसल उत्पादन और कृषि गतिविधियों से जुड़े भरोसेमंद आंकड़े सरकार के लिए योजनाएं तैयार करने और उनके प्रभाव का आकलन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यशाला में मैदानी सर्वेक्षण, आंकड़ों की गुणवत्ता, सत्यापन और सांख्यिकीय विश्लेषण जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल और आंकड़ों के व्यवस्थित प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
डेटा आधारित विकास पर सरकार का फोकस

प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए कृषि क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को आंकड़ों के माध्यम से समझने और उसी आधार पर योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। विभाग का जोर साक्ष्य आधारित नीति निर्माण, योजनाओं की निगरानी और कृषि विकास कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन पर है।
अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय के मुताबिक प्रशिक्षण से प्राप्त तकनीकी जानकारी को मैदानी स्तर पर लागू करने से कृषि सांख्यिकी की गुणवत्ता और विश्लेषण प्रक्रिया को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

