Bihar News: बिहार के पंचायती राज विभाग ने ग्रामीण इलाकों में लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइट्स को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। विभाग के निदेशक नवीन कुमार सिंह ने साफ निर्देश दिया है कि सभी एजेंसियां नियमित रूप से लाइट्स का रख-रखाव और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें, ताकि गांवों में रहने वाले लोगों को इसका पूरा लाभ मिल सके।
अधूरा काम इस महीने के अंत तक पूरा करने का आदेश
समीक्षा बैठक में यह सामने आया कि कई जगहों पर अब तक सोलर स्ट्रीट लाइट्स का इंस्टॉलेशन पूरा नहीं हुआ है। इस पर नाराजगी जताते हुए विभाग ने एजेंसियों को साफ निर्देश दिया कि महीने के अंत तक हर हाल में काम पूरा करें, वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
सर्विस सेंटर नहीं चले तो होगी परेशानी

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि सोलर लाइट्स के रख-रखाव के लिए बनाए गए सर्विस सेंटर नियमित रूप से संचालित होने चाहिए। इन सेंटरों की स्थिति, संसाधन और कामकाज की पूरी रिपोर्ट विभाग को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
शिकायतों का डिजिटल रिकॉर्ड होगा तैयार
अब सोलर स्ट्रीट लाइट से जुड़ी हर शिकायत का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसके लिए केंद्रीकृत मॉनिटरिंग सिस्टम (CMS) तैयार किया गया है, जिससे शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
WhatsApp नंबर और ऐप से दर्ज होगी शिकायत
ग्रामीणों की सुविधा के लिए हर सोलर पोल पर WhatsApp नंबर अंकित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि लोग आसानी से खराब लाइट की शिकायत कर सकें। इसके अलावा MGSSLY_CMS मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया है, जिससे निगरानी और शिकायत प्रक्रिया और आसान हो जाएगी।
ब्रेडा और टेक्नोलॉजी एजेंसियों की अहम भूमिका

इस योजना के तहत ब्रेडा (Bihar Renewable Development Agency) और Amnex Infotechnologies जैसी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। इन्हें एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि पूरे सिस्टम को और मजबूत बनाया जा सके।
गांवों में रोशनी से बदलेगी तस्वीर
सरकार का लक्ष्य है कि सोलर स्ट्रीट लाइट्स के जरिए गांवों में सुरक्षा और सुविधा दोनों को बढ़ाया जाए। इससे न सिर्फ अंधेरा खत्म होगा बल्कि ग्रामीण जीवन भी बेहतर और सुरक्षित बनेगा।

