Bihar News: घर बैठे दर्ज होगी शिकायत, योजनाओं की मॉनिटरिंग होगी आसान! मंत्री श्रवण कुमार बोले- पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी

0
5

पटना: बिहार में ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ग्रामीण विकास विभाग ने शुक्रवार को केंद्रीकृत ग्रामीण योजना अनुश्रवण एवं क्रियाशीलता पर्यवेक्षण प्रणाली (CGRM) पोर्टल का शुभारंभ किया। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अब विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग घर बैठे अपनी शिकायतें भी दर्ज करा सकेंगे।

ग्रामीण विकास विभाग एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने रिमोट के माध्यम से पोर्टल का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण विकास की दिशा में एक नए युग की शुरुआत है। इससे योजनाओं के लाभार्थियों को समय पर और पारदर्शी तरीके से सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

अब नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि अब तक ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को योजनाओं की जानकारी और शिकायतों के समाधान के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन नए पोर्टल के शुरू होने के बाद लोगों को एक ही मंच पर योजनाओं की जानकारी और शिकायत दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से योजनाओं की निगरानी और शिकायत निवारण प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी।

आवास योजना में अतिरिक्त लाभ देने वाला बिहार बना मिसाल

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि ग्रामीण विकास के क्षेत्र में बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने दावा किया कि आवास योजनाओं में गरीब परिवारों को अतिरिक्त लाभ देने वाला बिहार देश का पहला राज्य है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार भूमिहीन परिवारों को जमीन खरीदने में सहायता, जर्जर मकानों के मरम्मतीकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर उपलब्ध कराने जैसी कई योजनाएं संचालित कर रही है। बिहार के इन मॉडलों को अन्य राज्यों ने भी अपनाना शुरू किया है।

योजनाओं की सतत निगरानी होगी

ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि विभाग की प्रमुख योजनाएं—आवास, स्वच्छता, स्वरोजगार और ग्रामीण रोजगार—ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने बताया कि बढ़ती जवाबदेही और लोगों की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए इस पोर्टल को विकसित किया गया है। इसके माध्यम से योजनाओं की लगातार निगरानी होगी और शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

भविष्य में AI आधारित होगा पोर्टल

प्रधान सचिव ने बताया कि आने वाले समय में इस पोर्टल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक से भी जोड़ा जाएगा, जिससे निगरानी व्यवस्था और अधिक स्मार्ट और प्रभावी बन सके।

गरीबों को मिलेगा सीधा लाभ

जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा ने कहा कि योजनाओं की सफलता के लिए पारदर्शी निगरानी बेहद जरूरी है। CGRM पोर्टल से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद लोगों को सीधा लाभ मिलेगा तथा शिकायतों का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित इस व्यवस्था से विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और योजनाओं के क्रियान्वयन की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

ग्रामीण विकास विभाग का यह कदम डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने और सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here