Bihar News: बिहार के 20 जिले हुए Gas Network से कनेक्ट, PNG कनेक्शन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

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Bihar News: बिहार में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आयोजित संकट प्रबंधन समूह (CMG) की छठी उच्च स्तरीय बैठक में राज्य में PNG, LPG और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि सहरसा और बांका जिले के गैस नेटवर्क से जुड़ने के बाद अब बिहार के कुल 20 जिले गैसयुक्त हो चुके हैं। यानी राज्य के 50 प्रतिशत से अधिक जिले अब गैस नेटवर्क से कनेक्ट हो चुके हैं।

PNG कनेक्शन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

राज्य में PNG कनेक्शन की रफ्तार में बड़ा उछाल देखने को मिला है। जहां पिछले वर्ष हर महीने 3,000 से 3,500 कनेक्शन दिए जा रहे थे, वहीं अप्रैल 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 10,952 प्रति माह पहुंच गया।

मई 2026 में 18 तारीख तक ही 6,252 नए D-PNG कनेक्शन लाइव किए जा चुके हैं। वर्तमान में बिहार में कुल 1.15 लाख घरेलू PNG कनेक्शन सक्रिय हैं।

औद्योगिक गैस उपयोग में भी बड़ा उछाल

बैठक में बताया गया कि पिछले दो महीनों में 70 नए औद्योगिक और वाणिज्यिक ग्राहकों को गैस नेटवर्क से जोड़ा गया है। इसके चलते मार्च की तुलना में अप्रैल 2026 में दैनिक गैस बिक्री में लगभग 27 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।

LPG सप्लाई को लेकर सरकार अलर्ट

राज्य में प्रतिदिन औसतन 3,59,391 LPG सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। फिलहाल औसतन 4.33 दिनों का डिलीवरी बैकलॉग है, जिसे कम करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास जारी हैं।

सरकार ने अवैध गैस कारोबार पर भी सख्ती दिखाई है। अब तक:

30,500 गैस एजेंसियों की जांच
29,663 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
2,333 अवैध सिलेंडर जब्त
154 FIR दर्ज
40 मामले आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दर्ज किए गए हैं।

डीजल और पेट्रोल की सप्लाई सामान्य

बैठक में बताया गया कि राज्य के सभी 3,590 पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति सामान्य है। कृषि सीजन के कारण डीजल बिक्री में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, लेकिन तेल कंपनियां निर्बाध सप्लाई बनाए हुए हैं।

मुख्य सचिव ने दिए कई अहम निर्देश

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने IOCL, BPCL, HPCL और GAIL सहित संबंधित एजेंसियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

लंबित PNG आवेदनों का जल्द निपटारा

राज्य में वर्तमान में 31,774 PNG आवेदन लंबित हैं। मुख्य सचिव ने अतिरिक्त मानव बल और ठेकेदारों की मदद से इन्हें मिशन मोड में निपटाने का निर्देश दिया।

गैर-गैसयुक्त जिलों में तेजी से काम

कैमूर, सीवान, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण समेत 9 जिलों में गैस इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए भूमि विवाद जल्द सुलझाने के निर्देश दिए गए।

मजदूरों के लिए छोटे सिलेंडर की व्यवस्था

निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम FTL सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया गया।

“बिहार में तेल और गैस को लेकर कोई संकट नहीं”

बैठक के अंत में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने स्पष्ट कहा कि बिहार में तेल और एलपीजी गैस को लेकर किसी भी प्रकार का गंभीर संकट नहीं है और सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह नियंत्रण में हैं।

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