Bihar News: बिहार में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को लेकर बड़ी प्रगति सामने आई है। मुख्य सचिव Pratyaya Amrit की अध्यक्षता में हुई ‘क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप’ बैठक में बताया गया कि राज्य में अब 1.07 लाख से ज्यादा घरेलू PNG कनेक्शन लाइव हो चुके हैं।
यह आंकड़ा दिखाता है कि बिहार अब तेजी से क्लीन एनर्जी की दिशा में आगे बढ़ रहा है और एलपीजी पर निर्भरता कम हो रही है।
19 जिले हुए गैसीफाइड, आधे बिहार में पहुंची पाइप गैस
सरकार के अनुसार, राज्य के 38 जिलों को 14 भौगोलिक क्षेत्रों में बांटकर 6 गैस कंपनियों को जिम्मेदारी दी गई है।सहरसा में हाल ही में गैस आपूर्ति शुरू होने के बाद अब बिहार के 19 जिले यानी करीब 50 प्रतिशत हिस्सा गैसीफाइड हो चुका है।
रिकॉर्ड स्पीड: अब हर महीने 9000 से ज्यादा कनेक्शन
जहां पहले हर महीने 3000-3500 कनेक्शन दिए जाते थे, वहीं अप्रैल 2026 में यह संख्या बढ़कर 9,132 हो गई है।सरकार का लक्ष्य है कि इसे जल्द ही 12,000 कनेक्शन प्रति माह तक पहुंचाया जाए, जिससे हर घर तक पाइप गैस की सुविधा तेजी से पहुंचे।
पटना और मुजफ्फरपुर टॉप पर, LPG फ्री सोसाइटी बनी
Patna में सबसे ज्यादा 33,539 कनेक्शन लाइव हैं, जबकि मुजफ्फरपुर 16,970 कनेक्शनों के साथ अग्रणी जिलों में शामिल है। मुजफ्फरपुर का ‘धरफरी एन्क्लेव’ बिहार की पहली ‘LPG Free’ सोसाइटी बन गया है, जहां अब पूरी तरह PNG का इस्तेमाल हो रहा है।
गैर-गैसीफाइड जिलों में तेज काम
बांका, बक्सर, दरभंगा और मधुबनी जैसे जिलों में पाइपलाइन बिछाने का काम तेजी से जारी है। सरकार का लक्ष्य है कि बांका में अप्रैल के अंत तक गैस सप्लाई शुरू हो जाए, जबकि दरभंगा और मधुबनी में जुलाई-अगस्त तक PNG पहुंचाने की तैयारी है।
सरकार के सख्त निर्देश: कनेक्शन दोगुना करें
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया है कि कनेक्शन देने की गति बढ़ाई जाए। इसके लिए ठेकेदारों और प्लंबरों की संख्या बढ़ाने को कहा गया है, ताकि रोजाना ज्यादा से ज्यादा घरों को PNG से जोड़ा जा सके।
लोगों को जोड़ने के लिए चलेगा जागरूकता अभियान
सरकार अब वार्ड स्तर पर शिविर लगाकर और ऑडियो प्रचार के जरिए लोगों को PNG के फायदे बताएगी। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग LPG छोड़कर पाइप गैस की ओर आकर्षित होंगे।
क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ता बिहार
PNG का विस्तार न सिर्फ लोगों को सुविधा दे रहा है, बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी यह बड़ा कदम है। कम प्रदूषण, सुरक्षित सप्लाई और सस्ती ऊर्जा के कारण आने वाले समय में बिहार पूरी तरह गैस आधारित कुकिंग सिस्टम की ओर बढ़ सकता है।

