Bihar News: मुख्य सचिव Pratyaya Amrit का मिशन कामयाब,बिहार बना पांडुलिपि संरक्षण का नया हब

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Bihar News: बिहार ने एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक विरासत की ताकत दिखाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। “ज्ञान भारतम् मिशन” के तहत पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटाइजेशन में राज्य अब देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। मुख्य सचिव Pratyaya Amrit की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इस ऐतिहासिक प्रगति की जानकारी दी गई।

सिर्फ 18 दिन में दोगुनी हुई रफ्तार

09 अप्रैल से 27 अप्रैल के बीच बिहार में पांडुलिपि सर्वेक्षण और सत्यापन में जबरदस्त तेजी देखी गई। जहां पहले सत्यापित सर्वेक्षणों की संख्या महज 53 थी, वह बढ़कर 707 हो गई। वहीं सत्यापित पांडुलिपियों की संख्या 3.69 लाख से बढ़कर 7.49 लाख के पार पहुंच गई। यह दिखाता है कि मिशन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कितनी तेजी से काम किया जा रहा है।

देश में तीसरा स्थान, 22% हिस्सेदारी

पूरे देश में सर्वेक्षित 61 लाख से ज्यादा पांडुलिपियों में बिहार की हिस्सेदारी 22 प्रतिशत है। राजस्थान और मध्य प्रदेश के बाद बिहार 7.49 लाख पांडुलिपियों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गया है, जो राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

मधुबनी टॉप पर, कई जिलों का शानदार प्रदर्शन

Madhubani जिले ने सबसे ज्यादा 3.96 लाख पांडुलिपियों के साथ राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। इसके बाद गया, सीतामढ़ी, पटना और दरभंगा जैसे जिलों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। हालांकि जमुई में सबसे कम पांडुलिपियां दर्ज की गई हैं।

अस्वीकृत सर्वेक्षण भी बने चुनौती

बैठक में यह भी सामने आया कि 5.59 लाख पांडुलिपियों के सर्वेक्षण अस्वीकृत हुए हैं। इस पर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि इसके कारणों का विश्लेषण कर गुणवत्ता में सुधार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पांडुलिपियों को संरक्षित किया जा सके।

हर जिले में चलेगा खोज अभियान

सरकार अब पांडुलिपियों की खोज को और तेज करने की तैयारी में है। जिलों में छिपी हुई पुरानी पांडुलिपियों को खोजने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही विशेषज्ञों और स्थानीय संस्थाओं को जोड़कर एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा, ताकि इस विरासत को बचाया जा सके।

डिजिटल युग में सुरक्षित होगी विरासत

इस मिशन का मुख्य उद्देश्य सिर्फ पांडुलिपियों को ढूंढना नहीं, बल्कि उन्हें डिजिटल रूप में सुरक्षित करना भी है। इससे आने वाली पीढ़ियों को भारत और बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ने का मौका मिलेगा।

देश में नंबर-1 बनने की तैयारी

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस मिशन की नियमित निगरानी की जाए और इसे और तेज किया जाए, ताकि बिहार जल्द ही पांडुलिपि संरक्षण में देश का नंबर-1 राज्य बन सके।

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