Bihar Panchayat Secretary Strike: पंचायत सचिवों को सरकार की आखिरी चेतावनी! काम पर लौटें वरना होगी बड़ी कार्रवाई

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Bihar News: Panchayati Raj Department Bihar ने हड़ताल पर गए पंचायत सचिवों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विभाग के सचिव Manoj Kumar ने पंचायत सचिवों से तत्काल हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर जनहित और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए पंचायत सचिव बिना किसी शर्त के जल्द से जल्द अपनी ड्यूटी जॉइन करें।

सरकार बोली- मांगों पर हो रहा विचार, लेकिन पहले काम पर लौटें

विभागीय सचिव ने कहा कि पंचायत सचिवों की मांगों पर विभाग गंभीरता से विचार कर रहा है। यदि वे तुरंत हड़ताल खत्म कर वापस लौटते हैं तो उनकी मांगों पर नियमानुसार सकारात्मक पहल की जाएगी।

सरकार का कहना है कि बातचीत और समाधान का रास्ता खुला है, लेकिन सरकारी कामकाज बाधित करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

‘No Work-No Pay’ का सख्त संदेश

पंचायती राज विभाग ने साफ कर दिया है कि हड़ताल अवधि के दौरान अनुपस्थित पंचायत सचिवों पर “No Work-No Pay” का नियम लागू रहेगा। यानी काम नहीं करने वाले कर्मचारियों का वेतन रोका जाएगा।

इसके साथ ही लंबे समय तक कार्य पर वापस नहीं लौटने वाले पंचायत सचिवों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।

जिलों को फिर जारी हुआ बड़ा आदेश

विभाग ने कहा कि कई जिलों में अब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके कारण पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ रहा है।

इसी को देखते हुए सभी जिला पदाधिकारियों को दोबारा निर्देश जारी किया गया है कि हड़ताल पर गए पंचायत सचिवों के कार्यों के निष्पादन के लिए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

8 अप्रैल से जारी है अनिश्चितकालीन हड़ताल

विभाग के अनुसार Bihar State Panchayat Secretary Association ने 8 अप्रैल 2026 से पंचायत सचिवों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की सूचना दी थी।

इसके बाद 9 अप्रैल को ही विभाग ने सभी जिलों को निर्देश जारी कर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा था, ताकि पंचायत स्तर के जरूरी कार्य प्रभावित न हों।

पंचायत स्तर पर कई योजनाएं प्रभावित

सरकारी सूत्रों के मुताबिक पंचायत सचिवों की हड़ताल का असर पंचायत प्रशासन, विकास योजनाओं, प्रमाण पत्र संबंधित कार्यों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के संचालन पर पड़ रहा है। सरकार अब इस मुद्दे को जल्द सुलझाने के लिए दबाव और संवाद दोनों रणनीतियों पर काम कर रही है।

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