Bihar News: बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और निवेशकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य मंत्रिपरिषद ने बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम, 2016 के तहत राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) सचिवालय को राज्य की एकल नोडल एजेंसी (Single Nodal Agency) के रूप में अधिकृत करने की मंजूरी दे दी है।
इस फैसले के बाद उद्योग स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों को विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। अब निवेश से जुड़ी अधिकांश स्वीकृतियां और प्रक्रियाएं एक ही मंच के माध्यम से पूरी की जा सकेंगी।
खत्म होगी बहु-विभागीय जटिलता
सरकार का मानना है कि वर्तमान में कई विभागों और एजेंसियों से अनुमति लेने की प्रक्रिया के कारण निवेश परियोजनाओं में अनावश्यक देरी होती थी। नए निर्णय से इस व्यवस्था को सरल बनाया जाएगा और परियोजनाओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
SIPB सचिवालय के माध्यम से विभिन्न विभागों के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी, जिससे निवेश प्रस्तावों के अनुमोदन और क्लियरेंस की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और पारदर्शी होगी।
औद्योगिक विकास आयुक्त के अधीन होगी निगरानी
नई व्यवस्था के तहत प्रतिनियुक्त अधिकारी सीधे औद्योगिक विकास आयुक्त (IDC) के प्रशासनिक नियंत्रण और पर्यवेक्षण में कार्य करेंगे। आवश्यकता के अनुसार विभिन्न विभागों और वैधानिक निकायों के नोडल अधिकारियों को शामिल या हटाने का अधिकार भी औद्योगिक विकास आयुक्त के पास होगा।
इसके साथ ही SIPB द्वारा विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाएगी, जिससे सभी स्वीकृतियों और क्लियरेंस की प्रक्रिया स्पष्ट और पारदर्शी बनेगी।
निवेशकों का बढ़ेगा भरोसा
उद्योग विभाग का मानना है कि इस कदम से बिहार में निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा। निवेश प्रस्तावों के निष्पादन में तेजी आएगी और राज्य में नए उद्योगों की स्थापना का मार्ग आसान होगा।
सरकार के अनुसार यह निर्णय बिहार में Ease of Doing Business को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे घरेलू और विदेशी दोनों प्रकार के निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेश प्रक्रियाओं के सरलीकरण से नए उद्योगों की स्थापना में तेजी आएगी। इसके परिणामस्वरूप राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

