Bihar News:बिहार में अब अस्पतालों को संभावित आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार किया जाएगा। इसको लेकर आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से एक अहम कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ हुई वर्चुअल बैठक में राज्य के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में हुई हाईलेवल मीटिंग
यह महत्वपूर्ण बैठक आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि जिले से लेकर छोटे स्वास्थ्य केंद्रों तक हर स्तर पर आपदा प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
हर अस्पताल में बनेगा डिजास्टर प्लान
NDMA के अधिकारियों ने बैठक में कहा कि मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी अस्पतालों के लिए एक प्रभावी आपदा प्रबंधन योजना तैयार की जानी चाहिए।
इस योजना के तहत आपात स्थिति में मरीजों की सुरक्षा, निकासी और उपचार की व्यवस्था पहले से तय होगी, ताकि किसी भी संकट के समय नुकसान कम से कम हो।
राज्य के कई बड़े विभाग और एजेंसियां शामिल
इस वर्चुअल बैठक में SDRF, NDRF और SEOC समेत कई महत्वपूर्ण एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए। साथ ही जिलों के अपर समाहर्ता (आपदा), सिविल सर्जन और फायर सेफ्टी ऑफिसर भी ऑनलाइन जुड़े और अपने-अपने स्तर की तैयारियों की जानकारी दी।
अस्पतालों की तैयारियों पर प्रस्तुतीकरण, कई सुधार के संकेत
बैठक में बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से डॉ. रागिनी मिश्रा ने प्रस्तुतीकरण के जरिए राज्य के अस्पतालों में चल रही तैयारियों की जानकारी दी। इस दौरान कई ऐसे बिंदु सामने आए, जिन पर सुधार कर अस्पतालों को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।
सरकार का फोकस—मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि
आपदा प्रबंधन विभाग का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी आपदा के समय मरीजों की सुरक्षा में कोई चूक नहीं होनी चाहिए।इसी लक्ष्य के तहत अब अस्पतालों में सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जाएगा, ताकि हर स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहें।

