Bihar News: बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग में नई रणनीति और टेक्नोलॉजी आधारित कार्यशैली की झलक दिखने लगी है। सोमवार को विभाग का कार्यभार संभालने के बाद नव-नियुक्त मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने साफ संकेत दिए कि अब राज्य में योजनाओं की मॉनिटरिंग और नीति निर्माण को डेटा आधारित बनाया जाएगा।
पुराना सचिवालय स्थित विभागीय कार्यालय में पदभार ग्रहण करने के बाद मंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की और राज्य की प्रमुख विकास योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान विभाग की कार्यप्रणाली, सांख्यिकी गतिविधियों और विकास कार्यक्रमों की विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई।
“अब समयबद्ध मॉनिटरिंग पर रहेगा सबसे बड़ा फोकस”
मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि राज्य सरकार की विकासोन्मुख योजनाओं को समय पर और प्रभावी तरीके से लागू करना प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि योजनाओं की समयबद्ध मॉनिटरिंग और पारदर्शी क्रियान्वयन से ही जनता तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंच सकेगा।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि हर योजना में समन्वय, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मंत्री ने कहा कि अब विभाग की कार्यशैली को और अधिक आधुनिक और परिणाम आधारित बनाया जाएगा।
Data Based Policy से बदलेगी विकास की रफ्तार
बैठक के दौरान मंत्री को बताया गया कि विभाग राज्य में जीएसडीपी, प्रति व्यक्ति आय, सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण, कृषि आंकड़ों, जन्म-मृत्यु निबंधन और विभिन्न योजनाओं के मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि भविष्य में डेटा आधारित नीति निर्माण को और अधिक मजबूत किया जाएगा ताकि विकास योजनाएं जमीनी जरूरतों के अनुसार बनाई जा सकें। उन्होंने माना कि सही डेटा और तकनीक के जरिए योजनाओं की सफलता और पारदर्शिता दोनों बढ़ेंगी।
कई बड़ी योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना, सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, पंचायत सरकार भवन निर्माण, वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II, आकांक्षी जिला और आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने मंत्री को इन योजनाओं की वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना से अवगत कराया। विभागीय प्रस्तुति में यह भी बताया गया कि राज्य में विकास योजनाओं की निगरानी को तकनीक आधारित बनाया जा रहा है।
विभाग की प्रमुख इकाइयों पर भी हुई चर्चा
अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने मंत्री को विभाग की विभिन्न इकाइयों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना एवं विकास विभाग के अंतर्गत अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय, मूल्यांकन निदेशालय, बिहार राज्य योजना परिषद, बिहार मौसम सेवा केंद्र, बिहार स्थानीय क्षेत्र विकास अभिकरण और लोकल एरिया इंजीनियरिंग ऑर्गनाइजेशन जैसी महत्वपूर्ण इकाइयां कार्यरत हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग लगातार तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत कर रहा है ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
बिहार में Development Model को मिलेगी नई रफ्तार
मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा के बयान के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बिहार में विकास योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन की प्रक्रिया और अधिक हाईटेक और जवाबदेह हो सकती है। सरकार अब सिर्फ योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि उनके प्रभावी परिणाम पर भी फोकस करती नजर आ रही है।

