विकास कुमार
बिहार में जाति जनगणना में 17.70 फीसदी आबादी मुसलमानों की निकली है,इसलिए मुस्लिम भी अपने राजनीतिक अधिकार की मांग को लेकर मुखर हो गए हैं। जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भी किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है। प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले 32 सालों से लालू,नीतीश और तेजस्वी यादव ही बिहार में शासन कर रहे हैं। जबकि 32 साल से अति पिछड़ा वर्ग और मुस्लिमों के लिए कुछ खास काम नहीं किया गया। प्रशांत किशोर ने कहा कि अति पिछड़े,दलित और मुस्लिमों को मलाईदार मंत्रालय तक नहीं दिया जाता है।
प्रशांत किशोर ने जो सवाल उठाया है उसका जवाब चाचा भतीजे की सरकार के पास नहीं है। 32 साल से बिहार की गद्दी पर कुंडली मारकर बैठे लालू नीतीश ने किसी दूसरे वर्ग को कोई हक दिया ही नहीं है। अति पिछड़ा,दलित और मुस्लिम समाज को उनकी आबादी के मुताबिक भागीदारी नहीं दी गई है। इस समाज से आने वाले विधायकों को कमजोर मंत्रालय थमा दिया गया है। अगर वाकई में सामाजिक न्याय करना है तो अति पिछड़ा,दलित और मुस्लिम समाज को उनका राजनीतिक हक देना होगा,नहीं तो नीतीश कुमार और लालू यादव भी नवसामंत ही कहलाएंगे।

