Bihar News: पटना समेत 6 जिलों में कल बजेगा सायरन, 15 मिनट तक रहेगी पूरी तरह ब्लैकआउट की स्थिति

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Bihar News: बिहार में संभावित आपदाओं और हवाई हमलों जैसी आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी को लेकर 14 मई को बड़ा नागरिक सुरक्षा अभ्यास होने जा रहा है। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर पटना समेत छह जिलों में एयर रेड और ब्लैकआउट मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। इस दौरान शाम 07:00 बजे से 07:15 बजे तक सायरन बजते ही लोगों को पूरी तरह ब्लैकआउट का पालन करना होगा।

यह मॉकड्रिल पटना, किशनगंज, बेगूसराय, पूर्णिया, अररिया और कटिहार जिलों में आयोजित होगी। राज्य स्तर पर नागरिक सुरक्षा निदेशालय को इसका नोडल एजेंसी बनाया गया है।

आपदा प्रबंधन विभाग ने की हाई लेवल तैयारी बैठक

Bihar Disaster Management Department में बुधवार को प्रधान सचिव Santosh Kumar Mall और नागरिक सुरक्षा निदेशालय के महानिदेशक Paresh Saxena की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई। इसमें संबंधित जिलों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों को मॉकड्रिल की पूरी प्रक्रिया और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई।

बैठक में विभाग के संयुक्त सचिव मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी ने प्रस्तुतीकरण के जरिए मॉकड्रिल के छह प्रमुख बिंदुओं को विस्तार से समझाया।

ब्लैकआउट के दौरान मोबाइल, टॉर्च और जनरेटर भी बंद रखने की अपील

प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने लोगों से अपील की कि मॉकड्रिल के दौरान घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि शाम 7 बजे से 7:15 बजे के बीच होने वाले ब्लैकआउट के दौरान लोग अपने घरों, अपार्टमेंट्स और संस्थानों में किसी भी तरह की रोशनी का इस्तेमाल न करें।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपार्टमेंट्स में जनरेटर न चलाएं और मोबाइल स्क्रीन, टॉर्च या अन्य प्रकाश स्रोतों का उपयोग भी बंद रखें ताकि “पूर्ण ब्लैकआउट” की स्थिति बनाई जा सके।

सायरन के लिए फायर ब्रिगेड और पुलिस सिस्टम का भी होगा इस्तेमाल

आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित जिलों को निर्देश दिया है कि सायरन व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इसके लिए चौक-चौराहों पर लगे साउंड सिस्टम, थानों और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की भी मदद ली जाएगी।

साथ ही ऊर्जा विभाग से समन्वय स्थापित कर समय पर बिजली कटौती सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि ब्लैकआउट पूरी तरह सफल हो सके।

अस्पतालों में भी विशेष तैयारी, खिड़कियों पर लगाए जाएंगे पर्दे

मॉकड्रिल के दौरान अस्पतालों में भी विशेष सतर्कता बरती जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अस्पतालों की खिड़कियों पर क्यूबिकल पर्दे या प्राइवेसी कर्टन लगाए जाएं ताकि बाहर रोशनी न दिखाई दे।

पिछले अभ्यास में बेगूसराय रहा था सबसे आगे

नागरिक सुरक्षा निदेशालय के महानिदेशक डॉ. परेश सक्सेना ने कहा कि पिछली मॉकड्रिल में बेगूसराय जिले का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा था। उन्होंने सभी जिलों से इस बार भी पूरी तैयारी और गंभीरता के साथ भाग लेने की अपील की।

उन्होंने अधिकारियों को मॉकड्रिल की बारीकियों और इसके उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

NDRF, SDRF, NCC और NSS भी रहेंगे शामिल

इस हाई लेवल एक्सरसाइज में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, SDRF, NDRF, रेलवे पुलिस फोर्स, NSS, NCC और नेहरू युवा केंद्र संगठन (NYKS) के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। सभी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

संभावित आपदाओं से निपटने की बड़ी तैयारी

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की मॉकड्रिल आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने और आपात स्थिति में सही प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित करने में बेहद मददगार साबित होती है। बिहार सरकार का लक्ष्य है कि नागरिक सुरक्षा को लेकर आम जनता भी सक्रिय भागीदारी निभाए।

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