Bihar News: बिहार में सड़क और पुलों के निर्माण को लेकर सरकार ने अपनी रफ्तार और तेज करने की तैयारी कर ली है। पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र ने बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) की विभिन्न परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि सभी काम तय समय-सीमा के भीतर और गुणवत्ता से कोई समझौता किए बिना पूरे किए जाएं।
बैठक में राज्य की प्रमुख सड़क, फ्लाईओवर, आरओबी और गंगा नदी पर बन रही पुल परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। खास तौर पर एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) सहित अन्य वित्तीय संस्थाओं की मदद से चल रहे प्रोजेक्ट्स की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।

कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल का काम लगभग पूरा
समीक्षा में सामने आया कि कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6-लेन गंगा पुल परियोजना का निर्माण लगभग 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है। टोल प्लाजा का सिविल वर्क भी पूरा बताया गया। यह पुल पटना के सबलपुर को बिदुपुर स्थित एनएच-103 से जोड़ने के साथ पटना-बख्तियारपुर बाईपास से कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। इस परियोजना के पूरा होने से राजधानी पटना और आसपास के इलाकों के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
बख्तियारपुर-ताजपुर पुल पर काम तेज करने का आदेश
बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा ब्रिज परियोजना की भौतिक प्रगति करीब 70 प्रतिशत बताई गई। ताजपुर-चकलालशाही सेक्शन का काम पूरा हो चुका है, जबकि चकलालशाही-डुमरी और बहादुरपुर-करजान सेक्शन को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री ने बाकी हिस्सों में निर्माण की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।
वहीं मीठापुर-सिपारा और माहुली-पुनपुन फेज-2 परियोजना के तहत 4.3 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट में 2.1 किलोमीटर एलिवेटेड रोड का उद्घाटन 28 अगस्त 2026 को हो चुका है। सिपारा आरओबी के बाकी काम को रेलवे से ट्रैफिक और पावर ब्लॉक मिलने के बाद जल्द पूरा करने को कहा गया है।
दीघा-कोइलवर और गंगा पथ परियोजनाओं की भी समीक्षा
दीघा-कोइलवर विस्तार परियोजना के 35.65 किलोमीटर हिस्से में लंबित एनओसी और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा मुंगेर (सफीयाबाद)-सुलतानगंज और सुलतानगंज-भागलपुर-सबौर गंगा पथ परियोजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति, संवेदक करार और जमीन अधिग्रहण की स्थिति भी देखी गई।
ADB प्रोजेक्ट में छह स्टेट हाईवे का काम जारी
ADB से वित्तपोषित BSHP-III फेज-2 के तहत छह राज्य उच्च पथों—SH-95, SH-98, SH-99, SH-101, SH-103 और SH-105—के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का काम चल रहा है। मंत्री ने भू-अर्जन और वन विभाग से संबंधित लंबित मामलों को जल्द निपटाने को कहा।
SH-105 बेतिया-नरकटियागंज सड़क को ड्रेन वर्क समेत नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। BSHP-IV के तहत 225.47 किलोमीटर की चार सड़क और एक उच्चस्तरीय पुल परियोजना भी शामिल है। इसके फेज-2 में प्रस्तावित पांच सड़कों की कुल लंबाई 266.17 किलोमीटर है।
दरभंगा, गया और पटना की कनेक्टिविटी पर भी जोर
बैठक में 13.17 किलोमीटर लंबे दरभंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की प्रगति की भी समीक्षा हुई। यह कॉरिडोर दरभंगा स्टेशन को आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है।

गया में घुघरीटांड़ 4-लेन फ्लाईओवर और जगजीवन कॉलेज से मानपुर ब्लॉक ऑफिस/फल्गु ब्रिज तक प्रस्तावित 2-लेन एलिवेटेड फ्लाईओवर के निर्माण की स्थिति भी देखी गई।
पटना में पटेल गोलंबर-अटल पथ कनेक्टिविटी, भद्र घाट-दिदारगंज 4-लेन सड़क, मंदिरी नाला-जे.पी. गंगा पथ और पाटलि पथ-नेहरू पथ कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की भी समीक्षा की गई।
जमीन और मंजूरी की अड़चनें जल्द दूर करने का निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि भूमि अधिग्रहण, वन एवं पर्यावरण मंजूरी और रेलवे-बिजली विभाग से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय किया जाए।
उन्होंने कहा कि बिहार के दूर-दराज के इलाकों को बेहतर सड़क नेटवर्क के जरिए राजधानी और प्रमुख शहरों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। निर्माण कार्य में देरी या लापरवाही को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

