Bihar News: बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। लोक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत नए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के संचालन की योजना को लेकर बुधवार को पटना में आयोजित हितधारक बैठक में देशभर के निवेशकों, स्वास्थ्य संस्थानों और विशेषज्ञों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
बैठक में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश और मेडिकल शिक्षा के विस्तार को लेकर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में बिहार सहित पंजाब, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, केरल, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आए 80 से अधिक संस्थानों एवं निवेशकों ने भाग लिया।
17 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि राज्य सरकार ग्रीनफील्ड परियोजना के तहत 17 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। इन संस्थानों का संचालन पीपीपी मॉडल के माध्यम से किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए लगभग 20 से 25 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को राज्य के अधिक से अधिक क्षेत्रों तक पहुंचाना है।
कुल 33 मेडिकल कॉलेज-अस्पतालों की योजना

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रस्तावित मॉडल के तहत 17 ग्रीनफील्ड और 16 ब्राउनफील्ड श्रेणी के मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों के संचालन की योजना तैयार की जा रही है। इससे बिहार में मेडिकल शिक्षा की सीटों में वृद्धि होगी और स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा भी तेजी से विस्तारित होगा।
निवेशकों के लिए आसान होगा काम
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि बिहार सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रही है। निवेशकों को बेहतर आधारभूत संरचना, पारदर्शी प्रक्रियाएं, सिंगल विंडो क्लियरेंस और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों और संस्थानों को केवल निवेशक नहीं बल्कि विकास भागीदार के रूप में देखती है। राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर काम करेंगे।
पारदर्शी होगी पूरी प्रक्रिया
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के संचालन के लिए संस्थानों का चयन पूरी तरह पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। परियोजना के प्रभावी संचालन और तकनीकी सहायता के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर की नियुक्ति भी की जाएगी।
इसके अलावा हितधारकों से लिखित सुझाव भी मांगे गए हैं, ताकि परियोजना को और अधिक प्रभावी और व्यवहारिक बनाया जा सके।
रोजगार और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद
बैठक में शामिल विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे बिहार में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच भी बढ़ेगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलाव की ओर बिहार
राज्य सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मजबूत करना है। नए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के संचालन से विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा और आम लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा अपने जिले में ही मिल सकेगी। यह पहल बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश, रोजगार और बेहतर चिकित्सा सेवाओं के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।

