भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। जिले के 13 अंचलों में बाढ़ की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। इस बीच आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा कर राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने तथा बाढ़ प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा और उन्हें समय पर राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
13 अंचलों के 269 गांव बाढ़ की चपेट में
भागलपुर के 13 अंचलों की 82 पंचायतों के 269 गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन के मुताबिक जिले में करीब 3,87,600 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रभावित परिवारों तक भोजन, राहत सामग्री और चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
दूर-दराज और जलमग्न इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंत्री ने निर्देश दिया है कि ऐसे क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाने में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए।
23,412 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
जलस्तर बढ़ने के कारण जोखिम वाले इलाकों से अब तक 4,696 परिवारों के 23,412 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत केंद्रों तक पहुंचाया गया है। वहीं, जलमग्न और सुदूर क्षेत्रों में आवागमन तथा आपातकालीन राहत कार्यों के लिए 90 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इन नावों के जरिए प्रभावित लोगों तक जरूरी सामग्री पहुंचाने के साथ जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक ले जाया जा रहा है।

91 सामुदायिक रसोइयों में मिल रहा भोजन
बाढ़ प्रभावितों के सामने भोजन का संकट न खड़ा हो, इसके लिए जिले में 91 सामुदायिक रसोइयों का संचालन किया जा रहा है। इन रसोइयों के जरिए अब तक 1,92,276 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है।
इसके अलावा भागलपुर शहर में टीएनबी कॉलेजिएट, CTS/चर्च मैदान समेत 7 प्रमुख राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के रहने, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
इन राहत शिविरों में अब तक 20,068 लोगों ने आश्रय और भोजन का लाभ लिया है। मंत्री ने अधिकारियों को सामुदायिक रसोइयों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि बाढ़ प्रभावित कोई भी व्यक्ति भोजन से वंचित न रहे।
हजारों परिवारों तक पहुंची राहत सामग्री
बाढ़ से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए अब तक 7,025 पॉलिथीन शीट वितरित की जा चुकी हैं। इसके अलावा सूखा राशन और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
खरीक के राघोपुर इलाके के बाढ़ प्रभावितों के व्यवस्थित आवासन के लिए इस्माईलपुर में गणेश बासा-01, 02 और 03 को चिन्हित किया गया है।
प्रशासन को यह भी निर्देश दिया गया है कि जिन इलाकों में सामुदायिक रसोई पहुंचाना मुश्किल है, वहां प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सूखा राशन उपलब्ध कराया जाए।
पशुओं के इलाज के लिए 8 शिविर, 5 मोबाइल टीमें
बाढ़ के बीच पशुधन की सुरक्षा के लिए भी प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। प्रभावित इलाकों में 8 पशु चिकित्सा शिविर और 5 चलंत पशु चिकित्सा दल सक्रिय हैं।
इनके माध्यम से अब तक 1,846 प्रभावित पशुओं का इलाज किया जा चुका है। पशुपालकों को पर्याप्त पशुचारा उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

13 स्वास्थ्य शिविरों में हजारों लोगों का इलाज
बाढ़ के बाद संक्रमण और बीमारियों के खतरे को देखते हुए जिले में 13 स्वास्थ्य शिविर सक्रिय किए गए हैं। इन शिविरों के माध्यम से अब तक 6,366 लोगों को चिकित्सकीय सुविधा दी जा चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों को प्रभावित इलाकों में जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने और आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री बोले- संसाधनों की नहीं होगी कमी
समीक्षा के दौरान आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और उन्हें समय पर राहत उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक पूरी तत्परता के साथ राहत एवं बचाव अभियान जारी रखा जाए।
मंत्री ने कहा कि राहत कार्यों के लिए बजट या संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन को प्रत्येक प्रभावित परिवार तक भोजन, सूखा राशन, पशु चारा, चिकित्सा सुविधा और आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
भागलपुर में फिलहाल प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती जलमग्न और दूरस्थ क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना है। ऐसे इलाकों में नावों, मेडिकल टीमों और राहत शिविरों के जरिए अभियान लगातार जारी है।

