बीरेंद्र कुमार झा
इसराइल पर हुए अब तक के सबसे घातक हमले को भारत ने एक बार फिर से आतंकवादी हमला करार दिया है। भारत ने स्पष्ट शब्दों में इसकी निंदा की है। हालांकि विदेश मंत्रालय ने फिलीस्तीन के मुद्दे पर भी अपनी घोषित नीति को दोहराया है।भारत ने कहा कि फिलिस्तीन के खिलाफ नहीं है।और संप्रभु व स्वतंत्र फिलीस्तीन की मांग का समर्थन करता है। फिलिस्तीन के मुद्दे पर भारत के रूप संबंधी एक सवाल पर विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा की नई दिल्ली ने इजरायल के साथ शांतिपूर्ण अस्तित्व वाले एक संप्रभु एवं व्यवहारिक फिलीस्तीन देश की स्थापना के लिए सीधी बातचीत फिर से शुरू करने की हमेशा वकालत की है।
संप्रभु स्वतंत्र व्यवहार्य फिलिस्तीन का समर्थन
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि जहां तक फिलिस्तीन का सवाल है, भारत इजराइल के साथ सुरक्षित और मान्यता प्राप्त सीमा के भीतर रहने वाले फिलिस्तीन के संप्रभु स्वतंत्र और व्यवहार्य राज्य की स्थापना के लिए सीधी बातचीत फिर से शुरू करने की वकालत की है। इजरायली शहरों पर हमास के हमलों पर अरिंदम बागची ने कहा कि भारत इन्हें आतंकवादी हमला मानता है। इजरायल ने 7 अक्टूबर को गाजा में सत्तारूढ़ इस्लामिक आतंकवादी समूह हमास द्वारा जल,नभ, और थल से किए गए हमले के बाद संगठन के खिलाफ अभूतपुर्व जवाबी कार्रवाई करने का संकल्प लिया है ।हमले के छठे दिन इसराइल सना ने बताया कि उसके देश के 189 सैनिकों सहित 1200 लोग मारे गए हैं,गाजा जबकि में इजरायल की जवाबी कार्रवाई में कम से कम 1200 लोग मारे गए हैं।
भारत के लोग संकट की इस घड़ी में इजरायल के साथ
इजरायल पर हमास के हमले के बाद अपनी पहली फोन बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इसराइल के पीएम बेंजामिन नेत्यानाहू से कहा था कि भारत के लोग इस कठिन समय में इजरायल के साथ एक जुटता से खड़े हैं ।नेत्यानाहु को उनके फोन कॉल और मौजूदा स्थिति पर अपडेट प्रदान करने के लिए धन्यवाद देते हुए पीएम मोदी ने एक पोस्ट में कहा कि भारत दृढ़ता से और स्पष्ट रूप से आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा करता करता है।
पीएम मोदी और नेत्यानाहु की केमिस्ट्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी को आतंकवादी हमले के मद्देनजर पूरी तरह से इसराइल का समर्थन करने के तौर पर देखा गया।इसके अलावा अब तक भारत सरकार के किसी रीड आउट या ट्वीट में फिलिस्तीन के मुद्दे का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। यह पहली बार है कि विदेश मंत्रालय ने फिलिस्तीन रणनीतिक साझेदारी के मुद्दे पर अपनी नई नीति को फिर से दोहराया है।भारतीय इसराइल संबंध पिछले एक दशक में एक मजबूत राजनीतिक साझेदारी के ढांचे में विकसित हुए हैं। पीएम मोदी और नेत्यानाहु के बीच पर्सनल केमिस्ट्री उनके संबंधों में भी दिखाई देती है। इजरायल भारत के सबसे विश्वसनीय रक्षा और सुरक्षा भागीदारों में से एक रहा है।

