7 चरणों में 2 माह से भी अधिक समय तक चलने वाली लोक सभा चुनाव 2024 को लेकर अब कई तरह की व्यवहारिक परेशानियां सामने आने लगी है।ऐसी ही एक परेशानी इस समय झारखंड में लोक सभा चुनाव 2024 के दौरान सहायक आचार्य (प्राथमिक शिक्षक) नियुक्ति परीक्षा को लेकर होरही है।जिस नियुक्ति की परीक्षा से खुशी मिलती हैं, उसी नियुक्ति की परीक्षा का सहायक अध्यापक (पारा शिक्षक) विरोध कर रहे हैं।
सहायक अध्यापक (पारा शिक्षक) के लिए 50 फीसदी पद आरक्षित
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने 26 हजार सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा घोषित की है। सहायक आचार्य नियुक्ति में सहायक अध्यापक(पर शिक्षक) के लिए 50 फीसदी पद आरक्षित है। गौरतलब है कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने सहायक आचार्य की नियुक्ति की परीक्षा की तिथि 27 अप्रैल को रखी है , जो लोकसभा चुनाव के दौरान ही पड़ रहा है।
लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया जारी रहने से सहायक शिक्षकों को है काफी परेशानी
टेट सफल सहायक अध्यापक संघ के प्रदेश संरक्षक प्रमोद कुमार ने कहा है कि चुनाव आचार संहिता के दौरान शिक्षकों की सभी प्रकार की छुट्टी रद्द है। चुनाव को लेकर शिक्षकों का प्रशिक्षण चल रहा है, शिक्षक बीएलओ कार्य में भी प्रतिनियुक्त हैं। ऐसे में चुनाव के दौरान परीक्षा लेने से सहायक अध्यापक को काफी परेशानी होगी, वह ठीक से परीक्षा की तैयारी भी नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा काफी संख्या में शिक्षक इस नियुक्ति परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो जायेंगे।
चुनाव आयोग में शिकायत लेकर पहुंचे सहायक शिक्षक
लोकसभा चुनाव के बीच में झारखंड कर्मचारी आयोग द्वारा प्रस्तावित सहायक आचार्य की नियुक्ति की परीक्षा की तिथि 27 अप्रैल को रखे जाने से सहायक अध्यापकों को हो रही इस परेशानी के संबंध में टेट सफल सहायक अध्यापक संघ का प्रतिनिधिमंडल राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार से मिला।इस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को बताया कि झारखंड कर्मचारी आयोग द्वारा प्रस्तावित सहायक आचार्य की नियुक्ति की परीक्षा की तिथि 27 अप्रैल को प्रस्तावित हैं। 26 अप्रैल को ही विभिन्न जिलों में लोकसभा चुनाव को लेकर प्रशिक्षण भी हैं। प्रशिक्षण कार्य शाम पांच बजे तक हैं।ऐसे में ज्यादातर सहायक शिक्षक झारखंड कर्मचारी आयोग द्वारा प्रस्तावित सहायक आचार्य की नियुक्ति की परीक्षा जो तिथि 27 अप्रैल को प्रस्तावित है, में शामिल होने से वंचित हो जायेंगे।गौरतलब है कि परीक्षार्थी को यह परीक्षा दूसरे जिलों में जाकर देना है।
चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन
एजेएसयू के केंद्रीय संगठन सचिव एस अली ने कहा है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान परीक्षा की तिथि घोषित करना आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है।उन्होंने यह परीक्षा लोकसभा चुनाव के बाद आयोजित करने की मांग की है।

