केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने बताया- महिला और जनजातीय समुदाय के विकास के लिए केंद्र सरकार की योजना

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बीरेंद्र कुमार झा

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने खूंटी में महिला स्वयं सहायता समूह के सम्मेलन में कहा कि महिला सम्मेलन के माध्यम से देश में उद्यमिता विकास का एक नया अध्याय जुड़ रहा है।केंद्र सरकार की मंशा महिलाओं को सशक्त करना है। बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ के मूल मंत्र के साथ काम किया जा रहा है। महिलाओं को रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए भारत सरकार सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रही है। गुरु क्षेत्रों में जनजाति व सामान्य वर्गों की माताओं और बहनों को अर्थव्यवस्था से जोड़कर उनकी उन्नति का मार्ग प्रशस्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

भगवान बिरसा मुंडा को किया याद

इस अवसर पर केंद्रीय जनजाति कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने भगवान बिरसा मुंडा का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के आंदोलन के कारण ही अंग्रेजों को झारखंड के लोगों की मौलिक बातों को ध्यान में रखकर कानून बनाने के लिए बाध्य होना पड़ा था। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की धरती से महिलाओं को जोड़ने के लिए एक अभियान शुरू किया गया है। जल्दी ही यह अभियान पूरे देश में एक बड़े आंदोलन का रूप लेगा। उन्होंने कहा छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट (CNT) के माध्यम से क्षेत्र की भूमि को विशेष रूप से संरक्षित करने का प्रयास किया गया है । 256 गांवों को खूंटकट्टी का दर्जा देते हुए इसे सीएनटी में विशेष प्रावधनित भूमि के रूप में चिन्हित किया गया है। 153.7 वर्ग मील क्षेत्र के लिए वर्ष 1950 में तत्कालीन सरकार ने सुनिश्चित किया था कि जमीनदारी खत्म होने के बावजूद मुंडारी खूंटकट्टी जमीन के लिए नियमों में बदलाव नहीं होगा। आज फिर भारत सरकार अंग्रेजों के समय बनाए गए कानून को फॉरेस्ट राइट एक्ट के माध्यम से उन्हें संरक्षित करने का प्रयास कर रही है।जंगल में रहने वालों को उनका अधिकार दिया जा रहा है।

जल जंगल और जमीन ही हमारी पहचान

अर्जुन मुंडा ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों की समस्याओं को दूर करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा विशेष कार्य योजना शुरू की गई है।जनजातीय समुदाय को शिक्षित करने के लिए 71 एकलव्य विद्यालय खोले गए हैं। इसमें 32 हजार बच्चों का एडमिशन होगा। अच्छी प्रारंभिक शिक्षा के बाद जनजाति संवर्ग के बच्चों को आईआईटी तक में प्रवेश के लिए तैयार किया जाएगा। हमारी पहचान जल जंगल और जमीन है। पेसा कानून को मजबूती से लागू करना है।

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