अचानक कमर के निचले हिस्से में तेज दर्द होना आम बात लग सकती है।अक्सर लोग इसे लंबे समय तक बैठने, गलत तरीके से सोने या हल्की मोच समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।लेकिन हर बार दर्द मांसपेशियों से जुड़ा हो, ऐसा जरूरी नहीं. कई बार यह शरीर का इशारा होता है कि अंदर कुछ और गंभीर हो रहा है, खासकर किडनी से जुड़ी समस्या। चलिए आपको बताते हैं कि एक्सपर्ट क्या कहते हैं।
किडनी स्टोन यानी पथरी ऐसी ही एक स्थिति है, जो बिना किसी चेतावनी के सामने आ सकती है और दर्द इतना तेज होता है कि समझ पाना मुश्किल हो जाता है।डॉ. अंकुर भटनागर के अनुसार अचानक शुरू होने वाला कमर दर्द कई बार किडनी या यूरिन नली में पथरी का संकेत होता है। यह दर्द एक जगह टिकता नहीं, बल्कि कमर से आगे की तरफ पेट या जांघ के पास तक फैल सकता है, जो इसकी सबसे बड़ी पहचान है।
डाॅ रितेश मोंगा बताते हैं कि यह दर्द अक्सर कमर के किनारे से शुरू होकर धीरे-धीरे नीचे की ओर बढ़ता है। यही वजह है कि इसे सामान्य कमर दर्द समझने की गलती हो जाती है, जबकि मांसपेशियों का दर्द आमतौर पर एक ही जगह रहता है।
असल में जब पथरी किडनी से निकलकर यूरिन के रास्ते में फंस जाती है, तो यूरिन का फ्लो रुक जाता है।इससे किडनी में दबाव बढ़ता है और तेज दर्द महसूस होता है। यह दर्द लहरों की तरह आता-जाता है, कभी बहुत तेज और कभी थोड़ा कम।डॉ. मोंगा के अनुसार, पथरी का आकार छोटा हो या बड़ा, दर्द की तीव्रता उससे हमेशा तय नहीं होती।
इसके साथ कुछ और संकेत भी दिख सकते हैं, जैसे उल्टी आना, पेशाब के दौरान जलन, बार-बार पेशाब की इच्छा और कभी-कभी पेशाब में खून आना।कई लोग इन लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं और दर्द कम करने की दवाइयां लेकर काम चलाते रहते हैं। डॉ. भटनागर चेतावनी देते हैं कि बिना डॉक्टर की सलाह के ज्यादा दर्दनाशक दवाइयां लेने से किडनी को स्थायी नुकसान हो सकता है।
आजकल यह समस्या पहले से ज्यादा आम होती जा रही है, खासकर शहरों में रहने वाले लोगों में. कम पानी पीना, ज्यादा नमक या मीठा खाना, मोटापा और डायबिटीड जैसी बीमारियां इसका खतरा बढ़ाती हैं। भारत जैसे गर्म देश में डिहाइड्रेशन भी एक बड़ा कारण है, जहां शरीर को जरूरत से कम पानी मिल पाता है।
अच्छी बात यह है कि अब इसका इलाज पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है।डॉ. भटनागर बताते हैं कि अब बिना चीरा लगाए आधुनिक तकनीकों से पथरी का इलाज संभव है।वहीं डॉ. मोंगा कहते हैं कि कई मामलों में लेजर तकनीक से भी बिना कट के पथरी हटाई जा सकती है।फिर भी सबसे जरूरी है समय पर ध्यान देना। अगर दर्द अचानक, तेज और जगह बदलने वाला हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। सही समय पर जांच और इलाज से बड़ी समस्या बनने से रोका जा सकता है।

