Bihar News: बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती से ठीक पहले बिहार में शिक्षा को लेकर एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की ओर से 13 अप्रैल को पटना के बापू सभागार में ‘आंबेडकर समग्र शिक्षा समागम’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने प्रेस वार्ता में विस्तार से जानकारी दी और इसे सामाजिक बदलाव की दिशा में अहम कदम बताया।
शिक्षा से सशक्तिकरण का मिशन, अंतिम पंक्ति तक पहुंचाने की तैयारी
मंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। यह समागम डॉ. आंबेडकर की शिक्षा आधारित विचारधारा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ वंचित वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री समेत कई बड़े चेहरे होंगे शामिल
इस कार्यक्रम को राज्य स्तर पर बड़े आयोजन के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसमें बिहार के मुख्यमंत्री, विभिन्न विभागों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। साथ ही राज्य के अलग-अलग आंबेडकर छात्रावासों से आए छात्र-छात्राएं भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे, जिससे यह आयोजन और भी खास बन जाएगा।
आंबेडकर विद्यालय की बेटियों ने रचा इतिहास
प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री रौशन ने गायघाट स्थित आंबेडकर आवासीय विद्यालय की बड़ी उपलब्धि का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस साल इंटर परीक्षा में शामिल 123 छात्राओं ने शत-प्रतिशत प्रथम श्रेणी में सफलता हासिल की है। इस उपलब्धि को विभाग के लिए गर्व का क्षण बताया गया और इसे शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव का उदाहरण माना गया।
विदेश में पढ़ाई का सपना होगा साकार, नई स्कॉलरशिप योजना का ऐलान
सरकार ने अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए एक बड़ी घोषणा भी की है। नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप के तहत अब बिहार सरकार भी आर्थिक सहयोग देगी, जिससे मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करना और आसान हो जाएगा। इस पहल से गरीब और वंचित वर्ग के छात्रों को नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
आंबेडकर के विचारों को जमीन पर उतारने की कोशिश
यह समागम केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा के जरिए सामाजिक बदलाव की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। सरकार का मानना है कि अगर समाज के हर वर्ग तक शिक्षा पहुंचेगी, तभी समानता और विकास का सपना साकार हो सकेगा।

