यूपी निकाय चुनाव में भ्रष्ट अफसरों ने बदले नतीजे, समाजवादी पार्टी देगी नाम – फोटो की लिस्ट

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बीरेंद्र कुमार झा

उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव के नतीजों को बीजेपी यूपी की जनता का फैसला बता रही है तो वहीं समाजवादी पार्टी निष्पक्ष मतदान के दावों पर सवाल उठाने के बाद अब मतगणना में भी गड़बड़ी का आरोप लगा रही है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव इसे समाजवादी पार्टी की हार मानने को तैयार नहीं है। उन्होंने बीजेपी के प्रचंड जीत के पीछे भ्रष्ट अधिकारियों का हाथ बताते हुए उन्हें नौकरी से निकाले जाने की मांग की है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने भ्रष्ट अफसरों की नाम और  तस्वीर की सूची जारी करने की भी बात कही है।

अधिकारियों के द्वारा चुनाव नतीजे बदलने से जनाक्रोश

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्य विकास अधिकारी और अन्य अधिकारियों द्वारा चुनाव नतीजे बदले जाने की खबर से उत्तर प्रदेश में काफी जनाक्रोश है।उन्होंने कहा कि इसका तुरत संज्ञान लिया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे भ्रष्ट अफसरों का केवल निलंबन ही नहीं हो, बल्कि इनके मामले की फास्ट्रेक से जांच कराकर इन्हे नौकरी से बाहर किया जाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इन भ्रष्टाचारियों का नाम और फोटो का लिस्ट भी देगी।

समाजवादी पार्टी मतदान से लेकर मतगणना पर लगातार उठा रही है सवाल

समाजवादी पार्टी निकाय चुनाव में मतदान से लेकर मतगणना तक लगातार सवाल उठाती रही है।इसे लेकर पार्टी ने निर्वाचन आयोग से भी शिकायत की थी। अखिलेश यादव ने सहारनपुर का हवाला देते हुए रविवार को आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ईमानदार अधिकारियों को निष्क्रिय पदों पर भेज कर अपने बेईमानी का सबूत दे रही है। सहारनपुर में 22 मतों से समाजवादी पार्टी के नगर पंचायत अध्यक्ष की जीत को दबाव के बाद भी एक सत्यनिष्ठ अधिकारी द्वारा नहीं बदले जाने पर सरकार ने उसे ही बदल दिया।उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ईमानदार अधिकारियों के साथ हैं।

समाजवादी पार्टी की हार का नहीं टूट रहा सिलसिला

इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो चुनाव दर चुनाव में हार नसीब हो रही है। वर्ष 2014 के बाद से ही पार्टी लगातार शिकस्त का सामना कर रही है लोकसभा चुनाव 2014 में पार्टी को 5 सीटों पर जीत मिली थी।इसके बाद विधान सभा चुनाव 2017 में वह 47 सीटों पर सिमट गई ।यूपी नगर निकाय चुनाव 2017 में मेयर पद की कुल 16 सीटों में से एक भी सीट इसे नसीब नहीं हुई।वहीं 198 नगर पालिका परिषद में से 45 और 438 नगर पंचायतों में से 83 में ही पार्टी के चेयरमैन चुने गए।

इसके बाद लोकसभा चुनाव 2019 में समाजवादी पार्टी फिर से 5 सीटों पर सिमट गई।फिर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में उसे 111 सीटों पर जीत मिली। हालांकि योगी के नेतृत्व में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए बीजेपी ने दुबारा सत्ता में वापसी किया। अब यूपी नगर निकाय चुनाव 2023 में भी मेयर पद की सभी 17 सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा। वही 199 नगर पालिका परिषद में 42 और 544 नगर पंचायतों में 86 पर ही समाजवादी पार्टी अपना चेयरमैन बनाने में सफल हुई । यहां भी बीजेपी हावी रही और 2017 के मुकाबले उसका प्रदर्शन कहीं ज्यादा बेहतर हुआ। वहीं स्वार और छानने विधानसभा उपचुनाव में भी समाजवादी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।

 

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