न्यूज़ डेस्क
तमिलनाडु में बीजेपी की एक मात्र सहयोगी अन्नाद्रमुक बेहद नाराज है। पिछले दिनों बीजेपी के राज्य प्रमुख ने अन्नाद्रमुक और जयललिता पर टिप्पणी की थी इसके बाद अन्नाद्रमुक के नेता बेहद नाराज हो गए हैं। अन्नाद्रमुक ने बीजेपी को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि वे अपने राज्य प्रमुख पर लगाम लगाए। ऐसा नहीं होने पर वह गठबन्धन के लिए फिर से विचार कर सकती है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष अन्नामलाई द्वारा की गई टिप्पणी पर अन्नाद्रमुक के नेता इतने नाराज हो गए है कि अब वे एक साथ चुनाव लड़ने की बात से इंकार करने लगे हैं। अन्नाद्रमुक के नेता जय कुमार ने बीजेपी नेता पर गठबंधन में भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया है और पूछा है कि क्या दिल्ली के नेताओं ने उनके बयानों की अनुमति दे रखी है ?
बता दें कि पिछले दिनों बीजेपी अध्यक्ष अन्नामलाई ने एक इंटरव्यू में कहा था कि जयललिता को आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी ठहराया गया था। अन्नामलाई के इस बयान के बाद अन्नाद्रमुक के भीतर काफी बवाल मच गया। अन्नाद्रमुक के कई नेता बीजेपी पर हमलावर भी हुए और कहा कि कुछ भी बोलने से पहले सोचने की जरूरत होती है। सच बात तो यह है कि अन्नामलाई का यह बयान तथ्य के रूप में सही नहीं है। जयललिता की सहयोगी शशिकला और कुछ अन्य लोगों को उच्चतम न्यायालय द्वारा आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में दोषी ठहराया गया था। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री मुख्य अभियुक्त थीं, हालांकि अंतिम फैसले से पहले ही जयललिता की मृत्यु हो गई थी। अब अन्नाद्रमुक ने कहा है कि अन्नामलाई के खिलाफ अगर कार्रवाई नहीं की जाती है तो वो गठबंधन पर फिर से विचार कर सकती है।
अन्नाद्रमुक नेता एवं पूर्व मंत्री डी जयकुमार ने कहा कि क्या अन्नामलाई की यह मंशा है कि अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन 2024 के लोकसभा चुनाव में एक भी सीट न जीत पाए और मोदी फिर से प्रधानमंत्री न बन पाएं? क्या उनकी गतिविधियां इस दिशा में नहीं हैं?’ जयकुमार ने कहा कि उनकी आलोचना अस्वीकार्य है और पूछा कि भ्रष्टाचार के बारे में बात करने के शौकीन अन्नामलाई कर्नाटक में भाजपा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर चुप क्यों हैं? उन्होंने संकेत दिया कि भाजपा राज्य में अकेले दम पर कुछ नहीं कर सकती है और कहा कि राज्य में उनकी पार्टी की मजबूत उपस्थिति ने 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित की।
जयकुमार ने कहा, “ भाजपा 20 साल के अंतराल के बाद अन्नाद्रमुक की वजह से आज चार विधायकों के साथ राज्य विधानसभा में मौजूद है. क्या अन्नामलाई इससे इनकार करेंगे? भाजपा को पहचान तभी मिलेगी जब वह अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन में रहेगी।

