Bihar News: बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक आधारित इलाज का नया दौर शुरू हो चुका है। पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में शुरू की गई AI आधारित रोबोटिक्स फिजियोथेरेपी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि यह अत्याधुनिक तकनीक स्पाइन इंजरी, स्ट्रोक और पैरालाइसिस के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
उन्होंने बताया कि महज चार महीने पहले शुरू हुई इस सुविधा का लाभ अब तक 500 से अधिक मरीज उठा चुके हैं और कई मरीज तेजी से सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।
60 लाख की अत्याधुनिक मशीन बदल रही मरीजों की जिंदगी
आईजीआईएमएस में करीब 60 लाख रुपये की लागत से स्थापित इस रोबोटिक्स फिजियोथेरेपी सिस्टम के जरिए मरीजों को आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से उपचार दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक मरीजों की शारीरिक गतिविधियों का विश्लेषण कर उन्हें नियंत्रित और सटीक व्यायाम कराती है, जिससे रिकवरी की गति पारंपरिक फिजियोथेरेपी की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी हो जाती है।
लकवा, स्ट्रोक और रीढ़ की चोट के मरीजों को मिल रही बड़ी राहत
यह आधुनिक तकनीक खासकर पैरालाइसिस (लकवा),स्ट्रोक,स्पाइनल कॉर्ड इंजरी,रीढ़ की गंभीर चोट,न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर से पीड़ित मरीजों के उपचार में बेहद कारगर साबित हो रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिन मरीजों को पहले लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ता था, वे अब बेहतर और तेज रिकवरी का अनुभव कर रहे हैं।
अब इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली, मुंबई या वेल्लोर
कुछ वर्ष पहले तक ऐसी अत्याधुनिक रोबोटिक्स फिजियोथेरेपी सुविधा के लिए बिहार के मरीजों को दिल्ली, मुंबई, चेन्नई या वेल्लोर जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता था। लेकिन अब यह सुविधा बिहार में ही उपलब्ध होने से मरीजों को कम खर्च में बेहतर इलाज मिल रहा है।
AI तकनीक से स्वास्थ्य सेवाओं में नई क्रांति
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि आईजीआईएमएस में स्थापित वर्चुअल रिहैबिलिटेशन सिस्टम देश और दुनिया के प्रमुख अस्पतालों में उपयोग की जाने वाली आधुनिक तकनीक पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य राज्य के लोगों को उनके घर के पास ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है ताकि इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम हो सके।
अन्य अस्पतालों तक भी पहुंचेगी आधुनिक तकनीक
स्वास्थ्य मंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में ऐसी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार राज्य के अन्य बड़े अस्पतालों में भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकार मरीजों को आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। AI आधारित रोबोटिक्स फिजियोथेरेपी की शुरुआत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को नया जीवन देने का काम कर रही है।

