बीरेंद्र कुमार झा
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 370 और 35 (ए) को निरस्त करने पर 11 दिसंबर को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आ रही है। ताजा बयान कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी का आया है। संसद के शीतकालीन सत्र में भाग लेने पहुंचे कांग्रेस नेता ने अमित शाह से पो ओ के को लेकर सवाल किया है। उन्होंने अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा कि शायद पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू, गृह मंत्री अमित शाह जितने जानकार नहीं थे ,मैं अमित शाह से पूछना चाहता हूं कि आप जो भी करते हैं वह सही है तो फिर आप पीओके कब वापस ले रहे हैं?
युद्ध विराम फौज का था फैसला
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने अमित शाह को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें गौर से अध्ययन करने की जरूरत है।कश्मीर में जिस स्थिति में युद्ध विराम की घोषणा की गई, उस स्थिति में युद्ध विराम बहुत जरूरी था।साथ ही युद्ध विराम का वह फैसला हमारे फौज का फ़ैसला था। हो सकता है कि अमित शाह के जैसे उतना ज्ञानी जवाहरलाल नेहरू ना हो, लेकिन मुझे अमित शाह जी से बस यही कहना है कि सबने गलती किए हैं, आप तो सही कर रहे हैं, तो फिर आप पीओके को कब वापस लाओगे।
पीओके भारत का अभिन्न अंग है और कोई भी इसे छीन नहीं सकता
गौरतलब भाई है कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सोमवार को देश को आश्वस्त किया कि आतंकवाद से मुक्त नए और विकसित कश्मीर के निर्माण की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो चुकी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उचित समय पर जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का काम किया जाएगा। इसके अलावा अमित शाह ने जोर देकर एक और बड़ी बात कही।अमित शाह ने कहा कि पाकिस्तान की कब्जे वाला कश्मीर (पीओके ) भारत का अभिन्न अंग है और कोई भी इसे छीन नहीं सकता है ।
क्या है पीओके
वर्ष 1947 में मिली आजादी और बंटवारे से पहले जम्मू कश्मीर का अस्तित्व एक स्वतंत्र रियासत के तौर पर हुआ करता था। लेकिन 1947 में ही पाकिस्तान की सीमा से सटे जम्मू कश्मीर के क्षेत्र पर पाकिस्तानी सैनिकों ने कव्वालियों की भेष में आकर इस पर आक्रमण कर दिया और इस पर जबरन कब्जा कर लिया, जो अब तक कायम है। इस क्षेत्र को संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संगठन द्वारा पाकिस्तान नियंत्रित कश्मीर या पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के नाम से जानता है, लेकिन भारत इस क्षेत्र को पाक अधिकृत कश्मीर यानि पीओके कहता है ,क्योंकि यह भारत का अभिन्न हिस्सा है।
