संविधान की कॉपी से गायब सोशलिस्ट और सेकुलर शब्द,अधीररंजन का केंद्र पर आरोप

0
266

बीरेंद्र कुमार झा

लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने दावा किया है की नई संसद भवन में प्रवेश से पहले उन्हें जो संविधान की कॉपी दी गई थी, उसकी प्रस्तावना में से दो शब्द गायब थे। ये शब्द थे सोशलिस्ट और सेकुलर। अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि संसद में प्रस्तावना पढ़ते वक्त उन्होंने अपनी तरफ से ये दोनों शब्द जोड़े थे ,जबकि इन्हें दी गई संविधान की कॉपी में दोनों शब्दों का जिक्र नहीं था। उन्होंने कहा कि 1976 में संशोधन के बाद प्रस्तावना में ये दोनों सब जोड़े गए थे ।अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार की तरफ से सांसदों की यदि ऐसी कॉपी दी जाती है ,जिसमें ये दो शब्द नहीं है तो यह एक बड़ी चिंता का विषय है।

केंद्रीय मंत्री ने दी सफाई

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के दावों पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मोर्चा संभाल। उन्होंने कहा की सरकार की तरफ से इस अवसर संविधान की एक ओरिजिनल और एक संशोधित कॉपी दी गई थी। कांग्रेस नेता संविधान की जिस कॉपी की बात कर रहे वह ओरिजिनल संविधान की कॉपी है,जो संविधान में संशोधन कर शोशलिस्ट और सेकुलर शब्द डालने के पूर्व का है।

कांग्रेस ने संविधान से छेड़छाड़ का लगाया आरोप

कांग्रेस नेता ने सरकार के इस तर्क से सहमत नहीं दिखे।कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उन्हें सरकार के इरादों पर संदेह है ।सरकार ने बड़ी बड़ी चतुराई से इस काम को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा की हमारे लिए यह मुद्दा एक बड़ी चिंता विषय होने के कारण हमने इस मुद्दा को सदन में उठाने की कोशिश की थी लेकिन मुझे यह मौका ही नहीं दिया गया।

प्रस्तावना के 5 में से किसी शब्द का हटना देश की बुनियाद को करेगा कमजोर

कांग्रेस नेता अभिरंजन ने कहा कि जब उन्हें यह मुद्दा सदन में उठाने में सफलता नहीं मिली तो उन्होंने राहुल गांधी से बात करते हुए कहा कि देखिए संविधान के साथ इन लोगों के द्वारा छेड़छाड़ शुरू हो गया है।इसपर किसी ने कहा किया है यह तब की कॉपी है जब संविधान बना था, लेकिन 1976 में संशोधन हुआ तो इसलिए कि अगली तारीख से संविधान किन संशोधित प्रति ही लोगों को मिलेगी।संविधान में छेड़छाड़ करने का प्रयास हो रहा है। संविधान की जो प्रस्तावना है उसमें पांच चीजें हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। ये हैं सावरेन ,सोशलिस्ट सेकुलर,डेमोक्रेटिक और रिपब्लिक। इसके साथ ऑब्जेक्टिव हैं जस्टिस ,इक्वलिटी, लिबर्टी और फ्रेटरनिटी।अगर इनमें से किसी के साथ छेड़छाड़ हुई तो देश की बुनियाद कमजोर हो जाएगी।

टीएमसी एमपी ने भी उठाए सवाल

कांग्रेस नेता अधीन रंजन चौधरी के अलावा तृणमूल कांग्रेस सांसद डोला सेन ने भी इस मुद्दे पर सरकार को लपेटे में लिया। तृणमूल नेता ने कहा कि उन्हें भी ले संविधान की जो कॉपी दी गई है उसमें सोशलिस्ट और सेकुलर दोनों ही शब्द नहीं है। गौरतलब है कि आज संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा शुरू हो गई है जो दिनभर चलेगी। गौरतलब है की संसद के नए भवन आने से एक दिन पहले केंद्रीय हॉल में संविधान और पुरानी संसद के इतिहास को लेकर खूब चर्चा हुई।इसके बाद सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष संविधान की कॉपी लेकर नए भवन में गया था। यहां पीएम मोदी के बाद लोकसभा में नेता विपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने भाषण दिया था। इसी दौरान उन्होंने संविधान की प्रस्तावना भी पढ़ी थी,जिसमें शोषालिस्ट और सेकुलर शब्द नहीं था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here