विधानसभा चुनाव से पहले आप सरकार का ऐलान,महिलाओं और बुजुर्गों को मिला तोहफा

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विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने बड़ा ऐलान किया है। इसे अरविंद केजरीवाल का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की 11 सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों का ऐलान किया था। अब उन्होंने दिल्ली के 80 हजार बुजुर्गों को पेंशन देने का ऐलान किया है। इसके बाद दिल्ली में पेंशनभोगी बुजुर्गों की संख्या 5 लाख 30 हजार हो गई। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारी सरकार में सवा लाख पेंशन जोड़ी गई है। अब दिल्ली में कुल 5 लाख 30 हजार बुजुर्गों को पेंशन मिलेगी। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं जहां भी जाता था, बुजुर्ग पेंशन की मांग करते थे। इसलिए अब इसे दिल्ली सरकार ने लागू कर दिया है। इसके तहत पिछले 24 घंटे में दस हजार आवेदन भी आ चुके हैं। इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और मंत्री सौरभ भारद्वाज भी मौजूद थे।

दिल्ली की सीएम आतिशी ने बताया कि दिल्ली सरकार 80 हजार बुजुर्गों के लिए नई वृद्धावस्था पेंशन शुरू करने जा रही है। कैबिनेट ने इस योजना को पास कर दिया है और इसे तुरंत लागू कर दिया गया है। बुजुर्गों की सुविधा के लिए एक पोर्टल भी चालू किया गया है। इसके माध्यम से पेंशन के लिए आवेदन किया जा सकता है। आतिशी ने बताया कि दिल्ली में 60 से 69 साल के बुजुर्गों को 2000 रुपए और 70 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को 2500 रुपए की पेंशन दी जाएगी। इसके साथ ही अब मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना की भी सारी कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है। जल्द ही इसका लाभ महिलाओं को मिलना शुरू हो जाएगा।

इस दौरान केजरीवाल ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि अन्य राज्यों में बुजुर्गों को केवल 500-600 रुपए मिलते हैं, जबकि आम आदमी पार्टी की सरकार में पेंशन राशि अधिक है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार चुनने में नुकसान है, जबकि उसकी जगह आम आदमी पार्टी का समर्थन करना बेहतर है। केजरीवाल ने कहा कि बुजुर्गों के आशीर्वाद से ही उन्हें बाहर आने का मौका मिला। उनका मानना है कि बुजुर्गों को पेंशन देने से न केवल आशीर्वाद मिलता है, बल्कि इससे राजस्व में भी वृद्धि होगी।

दरअसल, लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली की आप सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना को जल्द लागू करने का ऐलान किया था। दिल्ली की सीएम आतिशी ने बताया कि इस योजना की कागजी कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है। इस योजना का लाभ 18 से 60 साल की उन महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी, जो सरकारी कर्मचारी न हों और न ही टैक्स का भुगतान करतीं हों। महिलाएं स्व-घोषणापत्र और आधार कार्ड प्रस्तुत करने पर मुख्यमंत्री सम्मान योजना के मानदेय का पात्र होंगी। आधिकारिक अनुमान के मुताबिक इस योजना से दिल्ली में लगभग 50 लाख महिलाओं को लाभ होने की संभावना है।

अरविंद केजरीवाल और उसके नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार को भले ही यह लगता हो कि बुजुर्गों और महिलाओं को इस प्रकार से पेंशन देने से वे खुश होकर अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी तथा पार्टी के लोगों आशीर्वाद देंगे तथा इससे राजस्व भी बढ़ेगा। लेकिन इस प्रकार से मुफ्त की रेवड़ियां बांटने वाली योजनाओं को लेकर नवगठित उदय भारतम पार्टी का अपना एक अलग ही दृष्टिकोण है। यह पार्टी इस प्रकार की योजना को कल्याणकारी नहीं मानता है,बल्कि यह इससे हटकर 12 वीं कक्षा तक बिना भेदभाव वाली और गुणवत्तापूर्ण मुफ्त शिक्षा देने की वकालत करती है,जिससे भारत के हर नागरिक को नौकरी आधारित परीक्षाओं को क्रैक करने का समान अवसर मिले।साथ ही टैक्स पेयर के पैसे का उपयोग किसी पार्टी के पक्ष में वोट को चलायमान करने की जगह सही मायने में देश के विकास के लिए हो।

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