आजकल हर कोई घर बैठे ऑनलाइन शॉपिंग करना पसंद करता है। कपड़ों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक, सब कुछ बस एक क्लिक में घर आ जाता है।लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस वेबसाइट से आप सामान खरीद रहे हैं, वो असली है या किसी हैकर की बनाई हुई फर्जी दुकान? जी हां, इंटरनेट पर अब तक का सबसे बड़ा ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम सामने आया है जिसे नाम दिया गया है ‘DoppelCart’।एक जर्मन साइबर सिक्योरिटी कंपनी Nebty ने खुलासा किया है कि हैकर्स ने 1,19,000 से भी ज्यादा फर्जी वेबसाइट्स बनाकर जाल बिछाया हुआ है। ये वेबसाइट्स दिखने में इतनी असली लगती हैं कि बड़े से बड़ा समझदार इंसान भी धोखा खा जाए। आइए जानते हैं कि यह स्कैम कैसे काम करता है और आप अपनी मेहनत की कमाई को चोरी होने से कैसे बचा सकते हैं।
सुरक्षा शोधकर्ताओं ने ‘DoppelCart’ नाम के एक ऐसे साइबर क्राइम नेटवर्क को पकड़ा है जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा रखा है। जर्मन कंपनी Nebty के मुताबिक, हैकर्स ने 1,19,000 से भी ज्यादा डोमेन (वेबसाइट एड्रेस) का इस्तेमाल करके नकली ऑनलाइन दुकानों का एक विशाल साम्राज्य खड़ा कर लिया है।इससे पहले ‘BogusBazaar’ नाम का एक स्कैम सामने आया था जिसमें 75,000 साइट्स थीं, लेकिन DoppelCart ने उस रिकॉर्ड को भी बहुत पीछे छोड़ दिया है। यह अब तक का सबसे बड़ा फर्जी शॉपिंग नेटवर्क बन चुका है।
यह स्कैम इतना खतरनाक इसलिए है क्योंकि इसे बहुत ही शातिर दिमाग से डिजाइन किया गया है।हैकर्स ने करीब 44,182 असली और मशहूर अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के नकली स्टोर्स बनाए हैं। इनमें CurrentBody, SodaStream, Velasca, Daniel Wellington, Dreame और Horze जैसे पॉपुलर ब्रांड्स शामिल हैं।हैकर्स असली ब्रांड्स के सर्वर्स से ही फोटो, लोगो और प्रोडक्ट डिस्क्रिप्शन सीधे अपनी नकली वेबसाइट पर लोड करते हैं।इसका मतलब है कि जब आप प्रोडक्ट की फोटो या डिटेल्स देखेंगे, तो आपको 1% भी शक नहीं होगा कि वेबसाइट फर्जी है।
जब कोई ग्राहक इन फर्जी साइट्स पर सामान पसंद करने के बाद पेमेंट करने के लिए चेकआउट पेज पर जाता है, तो असली खेल शुरू होता है। इन चेकआउट पेजों में ऐसा खतरनाक कोड छिपा होता है जो आपकी सारी पर्सनल और बैंक डिटेल्स चुरा लेता है। इसमें आपका कार्ड नंबर, कार्ड की एक्सपायरी डेट, CVV कोड, आपका नाम, ईमेल एड्रेस, फोन नंबर और आपके घर का पता तक सीधे हैकर्स के सर्वर पर चला जाता है।इसके बाद आपके कार्ड से अनाप-शनाप पैसे कटने शुरू हो जाते हैं।
ग्राहकों को अपने जाल में फंसाने के लिए ये फर्जी वेबसाइट्स प्रोडक्ट्स पर 50% से लेकर 65% तक का भारी डिस्काउंट देती हैं।जब भी कोई यूजर सोशल मीडिया पर विज्ञापन या स्पॉन्सर्ड लिंक देखता है, तो इतने कम दाम देखकर तुरंत खरीदने के लिए क्लिक कर देता है। हैकर्स जानते हैं कि भारतीय और ग्लोबल ग्राहक डिस्काउंट देखकर जल्दी फैसला लेते हैं, और इसी बात का फायदा उठाकर वे लोगों को अपना शिकार बनाते हैं।
अगर आप भी ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, तो खुद को और अपने परिवार को इस ठगी से बचाने के लिए इन बातों का खास ध्यान रखें:
वेबसाइट का एड्रेस ध्यान से चेक करें: किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने के बजाय हमेशा ऑफिशियल ऐप या जानी-पहचानी वेबसाइट से ही सामान खरीदें।
गूगल पर रिव्यू देखें: अगर आप किसी नई साइट से खरीदारी कर रहे हैं, तो गूगल पर उस साइट का नाम और साथ में ‘Scam’ या ‘Review’ लिखकर सर्च जरूर करें।
अविश्वसनीय डिस्काउंट से बचें: अगर कोई ब्रांड आपको 70-80% की छूट दे रहा है जो नामुमकिन लगती है, तो समझ जाएं कि दाल में कुछ काला है।
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करें: पेमेंट करते समय हमेशा क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करें क्योंकि इसमें फ्रॉड होने पर बैंक से पैसे वापस मिलने (चार्जबैक) की सुविधा होती है।
OTP किसी से शेयर न करें: बैंक से आने वाले वेरिफिकेशन मैसेज को ध्यान से पढ़ें कि उसमें कितनी रकम कटने का मैसेज आया है। कभी भी अपना OTP किसी को न बताएं।
अगर आपके साथ कोई ठगी हो जाती है, तो बिना देरी किए तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

