मनुस्मृति को जलाकर चूल्हे में झोंककर उसपर मुर्गा, पकाया फिर सिगरेट सुलगाकर पीने वाली लड़की वाला वीडियो हुआ वायरल

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  बीरेंद्र कुमार झा

राज्य के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर के रामचरितमानस पर विवादित बयान का मुद्दा अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि सोशल मीडिया पर एक लड़की का वायरल हो रहे वीडियो ने हड़कंप मचा दिया है। इस वीडियो में एक एक लड़की ने मनुस्मृति को जलाकर चूल्हे में झोंककर उसपर मुर्गा बनाया।इतना ही नहीं उसने जल रहे मनुस्मृति के पन्नों की आग में ही एक सिगरेट सुलगाकर भी पीया।।सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस लड़की के विडियो ने बवाल शुरू कर दिया है।कुछ लोग लड़की के समर्थन में बोल रहे हैं तो वहीं कुछ लोग लड़की को हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के नाम पर जमकर कोस रहे हैं। हालांकि अभी इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी हैं।

बिहार की शेखपुरा की रहने वाली यह लड़की राजनीति में आरजेडी से रखती है संबंध

प्राप्त जानकारी के अनुसार लड़की का नाम प्रियादास है। यह बिहार के शेखपुरा की रहने वाली है । मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक निजी चैनल से बात करते हुए प्रिया दास ने इस वायरल वीडियो के संबंध में बताया कि वह ना तो नॉन वेज खाती है और ना ही सिगरेट पीती है,केवल विरोध दर्ज करने के लिए उसने मनुस्मृति को जलाकर उसके आग में चिकन पकाया था और सिगरेट सुलगा कर पी थी। उसने आगे कहा कि मेरा उद्देश्य केवल पाखंडवाद पर वार करना है। मनुस्मृति दहन की नीव बाबा साहब ने 25 दिसंबर 1927 को ही रख दिया था।लोगों को किताब से ज्ञान मिलना चाहिए, लेकिन इससे ऊंचे की भावना को बढ़ावा मिल रहा है। बताया जा रहा है कि यह लड़की आरजेडी के महिला प्रकोष्ठ की सचिव है ,हालांकि इसकी भी पुष्टि होना अभी बाकी है।

पिछड़ों के वोट पर है आरजेडी और समाजवादी पार्टी की नजर

लंबे समय से रामचरितमानस या दूसरे हिंदू धर्म ग्रंथों को लेकर कहीं से भी किसी प्रकार का विवादित बयान सामने नहीं आ रहा था ।लेकिन जैसे ही 2024 में होने वाला लोकसभा चुनाव चर्चा में आया,इस प्रकार के विवादित बयान का सामने आना प्रारंभ हो गया। बिहार और उत्तर प्रदेश में तो आरजेडी और समाजवादी पार्टी की तरफ से ऐसी घटनाओं की आवृति और पुनरावृति का एक सिलसिला ही प्रारंभ ही गया। सबसे पहले बिहार सरकार में आरजेडी खेमे से शिक्षा मंत्री बने प्रोफ़ेसर चंद्रशेखर ने रामचरितमानस को लेकर विवादित बयान दे दिया। वे इस विवादित बयान तक ही नहीं रुके बल्कि इसके बाद भी बिना किसी स्पष्ट व्याख्या के इस पर अड़े रहे। फिर इनकी देखा देखी उत्तर प्रदेश में समजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी रामचरितमानस पर विवादित बयान देकर इस सिलसिले को आगे बढ़ाया।अब जिस लड़की के द्वारा मनुस्मृति को जलाकर उसकी आग में चिकन पकाया गया और उसमें सुलगाकर सिगरेट पी गई ,उसके राजनीतिक संबंधों के बारे में भी कहा जा रहा है कि वह भी आरजेडी खेमे से ही आती है। पिछड़ी जातियों का वोट लोकसभा चुनाव में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिस पार्टी के पक्ष में यह गोलबंद हो जाता है ,उसकी जीत लगभग सुनिश्चित मानी जाती है। आरजेडी और समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा इस प्रकार से हिंदुओं के धर्मशास्त्रों को टारगेट करने के पीछे और खासकर उसमें से पिछड़ों और दलितों वाले मामलों की अपनी तरह से उजागर करना,यह बताता है कि इस तरह से ये पार्टियां पिछड़ी जातियों को बहकाकर किसी तरह से अपनी पार्टी से जोड़कर आगामी चुनाव में इसका लाभ उठाना चाहते हैं ।

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