बीरेंद्र कुमार झा
गाजियाबाद में धर्म परिवर्तन कराने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यह नेटवर्क लोगों का धर्मांतरण करा कर उन्हें जिहादी बनाता है। शुरुआती जांच में एक युवती समेत चार लोगों के धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों को हिरासत में ले लिया है। कुछ दिन पहले ही गेमिंग एप से धर्मांतरण का मामला भी सामने आया था। ताजा मामले में हिरासत में लिए गए एक युवक के व्हाट्सएप चैट से पता चला है कि यह नेटवर्क पाकिस्तान नेपाल समेत कई देशों में फैला हुआ है।
कैसे हुआ खुलाशा?
इस मामले का खुलासा नोएडा में नौकरी करने वाली एक युवती के धर्मांतरण की जांच के दौरान हुआ। खोड़ा निवासी एक व्यक्ति ने 2 दिन पहले पुलिस से शिकायत की थी ,जिसमें उसने बताया कि उसकी बेटी 2 वर्ष से नोएडा सेक्टर 62 की एक कंपनी में नौकरी कर रही है। वहां राहुल अग्रवाल एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत है।करीब 5 महीने से उनकी बेटी अजीबोगरीब हरकत कर रही थी । उसपर नजर रखने पर पता चला कि वह दूसरे धर्म का रीति रिवाज अपना रही थी।पिता के विरोध करने पर बेटी ने धर्मांतरण कर लेने की बात करते हुए उन पर भी धर्म बदलने का दबाव डाला। बेटी का मोबाइल फोन खंगालने पर पता चला कि राहुल उसे दूसरे समुदाय के रीति रिवाज सिखा रहा था पुलिस के मुताबिक राहुल अग्रवाल ने 2016 में धर्म परिवर्तन कर अपना नाम राहिल रख लिया था। उसके मोबाइल से उकसावे वाली चैट मिली है।वह पाकिस्तानी कट्टरपंथियों की तकरीरें भी सुनता था।
भरोसा हासिल कर जिहाद के लिए उकसाता था
यह गिरोह जरूरतमंद लोगों को चिन्हित कर 6 महीने तक पहले ब्रेनवाश करता था। शुरुआत में मदद के जरिए भरोसा हासिल कर धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जाता था ।धर्मांतरण के बाद उन्हें जिहाद के लिए तैयार किया जाता था।नेटवर्क धर्मांतरण करने वाले अधिक से अधिक लोगों को अपने धर्म में शामिल करने के लिए भी प्रेरित करता था।
गिरोह का पाकिस्तान कनेक्शन खंगाल रही पुलिस
पुलिस के समक्ष अभी तक 4 लोगों के इस धर्मान्तरण कराने वाले गिरोह से जुड़े होने की बात सामने आई है। इसमें युवती का धर्म परिवर्तन कराने वाला राहुल भी शामिल है।पुलिस द्वारा राहुल से पूछताछ कर धर्मांतरण का पाकिस्तान कनेक्शन का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।पुलिस राहुल से यह भी पता लगा रही है कि वह देश में या देश से बाहर किन किन लोगों के संपर्क में था।
