बीरेंद्र कुमार झा
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में चीनी इंजीनियरों के एक काफिले पर सशस्त्र विद्रोहियों ने हमला कर दिया है।द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार 2 घंटे से ज्यादा समय तक चले इस मुठभेड़ में अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी ने दावा किया है कि उसने 4 चीनी नागरिक और 9 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है। काउंटर अटैक में दो या तीन हमलावर भी ढेर हो चुके हैं।
यह आतंकी हमला पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्टेट फकीर कॉलोनी के पास हुआ। सरकारी अधिकारियों ने भी ग्वादर में चीनी इंजीनियरिंग पर हमले की पुष्टि की है। बलूचिस्तान पोस्ट ने एक मीडिया विज्ञप्ति का हवाला देते हुए बताया कि चीनी इंजीनियरों के काफिले पर हमला सुबह करीब 9:30 बजे हुआ और लगभग 2 घंटे से भी ज्यादा समय तक वहां भीषण गोलीबारी होती रही ।
4 चीनी नागरिक और 9 पाक सैनिक मारे गए
इस हमके की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA ) ने ली है ।स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों ने सहर को हाई अलर्ट पर रखा है और कथित तौर पर प्रवेश और विकास पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस घटना की जिम्मेवारी लेते हुए अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी ने दावा किया है कि उसने चार चीनी नागरिक और 9 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है।वहीं काउंटर अटैक में दो फियाफिन हमलावर भी ढेर हो चुके हैं।
पूर्व में भी चीनी नागरिक पर हमला कर चुका है आतंकी संगठन बीएलए
गौरतलब है कि पिछले साल मई में कराची विश्वविद्यालय में चीन निर्मित कन्फ्यूशियस संस्थान के कर्मचारियों को ले जा रही एक मिनी बस पर एक बुर्का पहने बलूच महिला आत्मघाती हमलावर ने हमले में तीन चीनी नागरिकों सहित चार लोगों की हत्या कर दी थी। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। वह हमला पिछले साल पाकिस्तान में काम कर रहे सदाबहार सहयोगी चीन के नागरिकों के खिलाफ पहला बड़ा हमला था ।
आतंकी हमलों में अबतक 9 चीनियों समेत 13 लोगों की हो चुकी है मौत
जुलाई 2021 में उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान में इंजीनियरों को ले जा रही एक बस पर बमबारी की गई थी जिसमें 9 चीनी सैनिकों सहित 13 लोगों की मौत हो गई थी।तब दबाव में आकर पाकिस्तान में मारे गए चीनी सैनिकों के परिवारों को लाखों का मुआवजा दिया गया था।साथ ही चीन ने हमले की जांच के लिए अपनी टीम भी भेजी थी।
अप्रैल 2021 में क्वेटा में चीनी राजदूत की मेजबानी कर रहे एक लग्जरी होटल में आत्मघाती बम हमले में 4 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। राजदूत को कोई चोट नहीं आई थी।इससे पहले 2020 में बलूच अलगाववादियों ने पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज पर हमला किया था, जहां चीनियों का बड़ा निवेश है।इसके बाद 2018 में कराची में चीनी वाणिज्य दूतावास पर हमला हुआ था।

